मथुरा। आकशवाणी के निकट नगर निगम के कूड़ादान से उठता हुआ धुआं।
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मथुरा। कान्हा की नगरी में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एनजीटी के प्रतिबंध के बाद भी कूड़े का निस्ताकरण जलाकर किया जा रहा है। नगर निगम के डस्टबिन में आग लगाई जा रही है। किसी को कोई चिंता नहीं है।
रविवार को मथुरा-वृंदावन रोड पर सड़क किनारे रखे डस्टबिन में सुबह से दोपहर तक धुआं उठता रहा जो राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बना रहा। एनजीटी के जुर्माने के बाद भी इस स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
बताया जाता है कि नगर निगम की ओर से डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले वाहन कूड़ा एकत्रित करने के बाद उसे डंपिंग स्टेशन तक नहीं ले जाते और बीच में डाल देते हैं। इसके बाद इसमें आग लगा दी जाती है। इससे वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इधर, नगर निगम के कूड़ेदानों में भी आग सुलगती रहती है और धुआं उठता रहता है। इससे लोगों को परेशानी होती है।
एनजीटी के आदेशों की उड़ रही धज्जियां
वृंदावन के सामाजिक कार्यकर्ता मधुमंगल शरणदास शुक्ल की याचिका पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने शहर में कूड़ा जलाए जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके नगर निगम एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा है। एनजीटी ने कूड़े में आग लगाकर निस्तारण करने पर रोक लगा रखी है। एनजीटी पूर्व में भी खुले में कूड़ा जलाने को लेकर डीएम सहित तत्कालीन वृंदावन नगर पालिका परिषद और प्रदूषण विभाग पर जुर्माना कर चुकी है। इसके बाद सुधार नहीं है।