बलदेव के गांव करनऊ में पांच किसानों को घायल कर देने और झाड़ियों की जेसीबी से सफाई करने के बावजूद वन विभाग के कर्मचारियों को तेंदुआ नहीं दिखा। टीम सैकड़ों ग्रामीणों के सामने तेंदुआ न होने और भाग जाने की घोषणा कर चली गई। इसके एक घंटे बाद गांव करनऊ के युवक ने अपने मोबाइल से तेंदुआ का फोटो खींचने का दावा किया है।
सोमवार सुबह और दोपहर को गांव करनऊ में तेंदुआ ने पांच ग्रामीणों पर हमला कर घायल कर दिया था। तेंदुआ को पकड़ने के लिए सोमवार को वन विभाग मथुरा और आगरा की टीम ने प्रयास किए, लेकिन असफल रहे।
मंगलवार को वन विभाग की टीम ने जेसीबी से करनऊ के सती मंदिर के पीछे की झाड़ियों की सफाई कराई, लेकिन किसी को तेंदुआ नहीं दिखा। तेंदुआ भाग जाने की घोषण कर टीम चली गई। गांव करनऊ के टिंकू उपाध्याय ने बताया कि भगदड़ के दौरान उनका मोबाइल झाड़ियों में गिर गया था जिसे ढूंढने करीब शाम चार बजे वह झाड़ियों में गए।
भाग्यवश उसका मोबाइल मिल गया, उन्होंने ऊपर देखा तो पेड़ पर छिपा बैठा तेंदुआ दिखाई दिया। उन्होंने मोबाइल से उसका फोटो खींच लिया। उन्होंने ग्रामीणों को बताया तो उनमें दहशत फैल गई। लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।