मथुरा। मई माह में जिले में विकास कार्यों ने रफ्तार पड़की है। शानदार प्रदर्शन के साथ सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में जिले ने प्रदेशभर में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि जनशिकायतों के निस्तारण और राजस्व संग्रह में स्थिति चिंताजनक है। दोनों कार्यों में 36वीं रैंक हासिल की है। इससे जाहिर है कि स्थानीय स्तर पर जनशिकायतों का निस्तारण सिफर है।
तहसील और ब्लॉक स्तर पर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने से फरियादी बार-बार उच्चाधिकारियों और आईजीआरएस पोर्टल का दरवाजा खटखटा रहे हैं। समय सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान न होना और लंबित मामलों की बढ़ती संख्या ने रैंकिंग को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। राजस्व संग्रह के मामले में भी जिले की स्थिति संतोषजनक नहीं रही, जिससे ओवरऑल रैंकिंग में जिला पिछड़ गया। विकास कार्यों में अव्वल रहने के बावजूद राजस्व विभाग के कर संग्रह (टैक्स रिकवरी) के मोर्चे पर भी जिला पिछड़ता नजर आया। हालांकि विकास कार्यों में सुधार के साथ मई माह में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 29वें स्थान पर था। रैंक की सुधार से पता चलता है कि बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावी ढंग से हुआ है। विकास के मोर्चे पर अधिकारियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। एडीएम डॉ. पंकज वर्मा का कहना कि मई माह की रैंकिंग में काफी हद तक सुधार हुआ है। धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों के कार्यों को बेहतर करने का प्रयास जारी है। जनशिकायत व राजस्व वसूली में भी टॉप-10 में जगह बनाने की कवायद जारी है।