लौठी लै सिलौठी सभी ठाड़ी है जु बाने ही तें
तानें भई ताक झांक लाइकें निसाने की
हाट बाट रोकि ठाट बाधि रही झूमि झूमि
घूम रही घूंघट की चोट चतुराने की
‘प्रीतम’ पियारे संग रंग रंगी राधे तिय
पिय सों लगाइ लाग फाग सरसाने की
जोट जुरी ग्वालिन की ग्वालन तें होर परी
खोरि खोरि खेलें होरी गोरी बरसाने की
प्रेम के लट्ठों की ऐसी परसन है कि न पाने वाला अघाता है और न देने वाला। दर्शन करने वाले के मन की कहें ही क्या। इन गोपी ग्वालों में उन्हें जुगल जोड़ी नजर आ रही है। मानों इनके रूप में श्यामा श्याम ही होली खेल रहे हैं। रंगीली में हो रही लठामार की ये पट-पट उर को आनंद विभोर कर रही है। कोई इसे नयनों में समाता है तो कोई कैमरे में संजोता है। चहुंओर राधा रानी और वंशी वारे की जयजयकार हो रही है।
शुक्रवार की संध्या को रंगीली गली में लठामार के लोक उत्सव की सौंधी सुगंध बिखरी। नंदगांव और बरसाने की इस न्यारी होली को देखने के लिए रसिकों की भारी भीर जुटी। 4:15 बजे के करीब मंदिर की सीढ़ियों से उधम मचाते नंदगांव के हुरियारे सांकरी रंगीली गली में उतरे और दूर-दूर तक फैल गए। धोती, बगलबंदी और पाग सजाए हाथों में ढाल लिए रंग में तर-बतर ग्वाल बाल गारी गा-गाकर भाभी को बाहर आने के लिए उकसाते। नाचते गाते, शोर मचाते पर हुरियारिनें भी कम नहीं। सबर की घड़ी को बढ़ाती जा रही थीं।
लंबे हास परिहास के बाद हुरियारिनें हाथों में लाठी लिए निकलीं। लहंगा फरिया पहन सोलह सिंगार कर सजी-धजी सखियों ने हुरियारों से खूब हंसी-ठिठोली की। थोड़ी देर में चारों ओर लट्ठों की पट-पट सुनाई देने लगी। घूंघट की ओट में भाभी तक-तक लठिया की चोट मार रही थीं जिन्हें हुरियारे उछल-उछल कर अपनी ढाल पर ले रहे थे।
एक पर तीन-तीन हुरियारिनें लाठी बजा रही थीं। स्नेह की यह निरंतर वर्षा रसिकों को हरषा रही थी। आंखों में पुलक थी और होठों पर मुस्कान।
इससे पूर्व दोपहर तीन बजे नंदगांव के हुरियारे नंदलाल की ध्वजा लेकर प्रिया कुंड पहुंचे। बरसाना के गोस्वामियों ने उनका जोशीला स्वागत किया। ठंडाई से छकने के बाद सभी लाड़िली मंदिर आए। वहां हुरियारों पर रंग बरसाकर रंग रंगीला किया गया। दोनों पक्षों ने समाज गायन किया। बरसाना वालों ने नंदगांव वालों के लिए गालियां गाईं।
आज नंदगांव में लठामार
बरसाने के गोस्वामी राधा रानी की सखी भाव से शनिवार को (आज) नंदगांव में लठामार खेलने जाएंगे। दोपहर तीन बजे सभी रंगीली चौक में एकत्रित होंगे। किशोरी की ध्वजा हुरियारों की टोली का नेतृत्व करेगी।