अधिकमास में गिरिराज नगरी तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को काफी मुश्किलों से गुजरना पड़ा। शाम सात बजे से देर रात तक गिरिराजजी जाने को श्रद्धालुओं को लगाई गई बसें कम पड़ गईं, तो जिसे जो वाहन मिला उसी में चढ़ गया। हजारों श्रद्धालुओं ने जान जोखिम में डालकर बसों की छत पर यात्रा की।
अधिकमास में दो दिन पूर्व हुई बरसात से मौसम भी ठंडा हो गया और रविवार को अवकाश होने के कारण शनिवार शाम परिक्रमार्थी की भीड़ उमड़ पड़ी। मथुरा-गोवर्धन मार्ग, छटीकरा रॉल राधाकुंड मार्ग, बरसाना-गोवर्धन मार्ग, सौंख-गोवर्धन मार्ग पर शाम सात बजे से देर रात तक जाम लगा रहा।
मथुरा से गोवर्धन जाने के लिए लगाई गई 200 बसें कम पड़ गईं तो लोग प्राइवेट वाहनों से गए और छतों पर चढ़ गए। नए बस अड्डे पर हजार से अधिक यात्री गोवर्धन जाने को हो हल्ला करते रहे, लेकिन बसें उपलब्ध नहीं हो सकी। पूरे 21 किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग में परिक्रमार्थियों की माला जैसी बन गई।