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भजनकुटी प्रकरण में नामजद आरोपी सहित दो गिरफ्तार

Sun, 08 Nov 2015 11:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
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भजनकुटी पर कब्जे के प्रयास, मारपीट के मामले में पुलिस ने रविवार देर शाम नामजद आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार नामजद आरोपी मुकेश को उस समय मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया जब वह भागने के प्रयास में था।
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मुख्य आरोपी बिहारीलाल के ससुर वासुदेव को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार उनकी भी घटना में सहयोगी की भूमिका रही थी। मामले में कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

रविवार को नए सीओ आरके गौतम और कोतवाल उदय प्रताप सिंह ने भजनकुटी में पीड़ितों के बयान लिए। भजनकुटी सेवा संस्थान के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य से वार्ता की। बालकृष्ण देवाचार्य ने सीओ से लापता साधुओं को खोजने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
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कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती वे और संत अपने को असुरक्षित महसूस करेंगे। पुलिस ने घटना में घायल विद्यार्थी चंद्रसेन के भी बयान दर्ज किए।


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर रहा जांच
घटना की जांच के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक टीम बनाई है। टीम अपने स्तर से पीड़ितों के बयानों के साथ पुलिस कार्रवाई की पड़ताल करेगी। टीम के सदस्य योगेश शर्मा एडवोकेट ने बताया कि जांच की एक रिपोर्ट प्राधिकरण के अधिकारियों को भेजी जाएगी।

प्रशासन नहीं आम लोगों ने बढ़ाया मदद का हाथ
भजनकुटी पर कब्जे के प्रयास के मामले में प्रशासनिक स्तर पर कोई मदद न मिलने से नेपाली समाज में मायूसी है। दो दिन में मलबा हटाकर अपने स्तर से निर्माण कार्य में लगे भजनकुटी के साधुओं को प्रशासन की ओर से आश्वासन तो मिल रहा है लेकिन भवन निर्माण में मदद नहीं मिल रही।

भजन कुटी सेवा संस्थान के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य ने बताया कि महिला-पुरुष बढ़ती सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं। खाने-पीने का भी कोई इंतजाम नहीं हो पा रहा। इस संबंध में मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने के लिए जल्द एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर उनसे मिलेगा।

हालांकि आसपास के क्षेत्रवासियों ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। नेपाली समाज के लोग कुछ स्वयंसेवकों के साथ पुनर्निर्माण में जुट गए हैं। रविवार को यहां रसोईघर का निर्माण कार्य शुरू किया गया। तीन दिन से खुले आसमान के नीचे रह रहे साधु-संतों के लिए खुले में बंदरों के कारण भोजन पकाने में भारी असुविधा हो रही है। इसी को देखते हुए सबसे पहले रसोईघर का निर्माण किया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। सपा गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष मुकेश सिंह सिकरवार ने संस्थान के सचिव से प्रकरण की जानकारी ली। सचिव ने संतों की सुरक्षा, लापता लोगों की खोजबीन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। जिस पर मुकेश सिंह सिकरवार ने डीएम और एसएसपी से उनकी फोन पर बात कराई।


पीड़ितों को मिलने लगी आर्थिक मदद
रविवार की शाम स्वामी बाल योगेश्वरानंद महाराज की अध्यक्षता में गौधूलिपुरम क्षेत्र में आयोजित बैठक में भजनकुटी प्रकरण में कई लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए। सपा नेता डा. अशोक अग्रवाल ने 51 हजार रुपये, बाल योगेश्वरानंद ने 31 हजार, सपा नेता प्रदीप चौधरी ने 21 हजार की नकद धनराशि देकर आर्थिक मदद की शुरुआत की। बैठक में पीड़ितों की हर संभव मदद करने की मांग की। महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज, विश्वेषप्रपन्नाचार्य, स्वामी चितप्रकाशानंद, महंत फूलडोल बिहारीदास, चंद्रलाल शर्मा, डा. रामकृपाल त्रिपाठी, आनंद वल्लभ गोस्वामी, सुनील चतुर्वेदी, राजेश पंडित, आनंद वल्लभ गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।


‘हमने किसी का क्या बिगाड़ा था’
तीन दिन बीतने के बाद भी भजनकुटी वासियों को पांच अक्तूबर की रात की याद दहला देती है। लोग आते हैं और घटना की बाबत पूछते हैं तो वृद्ध महिलाएं बताते हुए रोने लगती हैं। 83 वर्षीय लक्ष्मीदेवी रोते हुए बोलीं कि क्या इसीलिए हम अपना देश छोड़कर वृंदावन में भजन करने आए थे। यहां भी हमें बेघर होना पड़ेगा। हमने किसी का क्या बिगाड़ा था, जो हमारी भजनकुटी को नष्ट कर डाला। हमारे अपनों को हमारे सामने ही बुरी तरह पीटा।


भजनकुटी प्रकरण
पांच अक्तूबर की रात 50-60 लोगों ने गांव राजपुर स्थित नेपाली समाज के डेढ़ सौ वर्ष पुरानी भजनकुटी सेवा संस्थान पर कब्जे का प्रयास किया। दो जेसीबी मशीनों से निर्माण ढहा दिए, विरोध करने पर साधुओं, विधवा महिलाओं और विद्यार्थियों को पीटा। फायरिंग कर दहशत फैलाई। कुछ लोगों को जबरन कार में उठा ले जाने की बात भी कही जा रही है। मामले में संस्थान के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य की ओर से आठ लोगों को नामजद किया गया है।
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