बरसाना में प्रस्तावित रोप-वे के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने वन और राजस्व विभाग से जमीन हासिल कर ली है। इसके एवज में दोनों विभागों को 1.68 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। विप्रा जल्द ही रोप-वे निर्माण के लिए एजेंसी की तलाश शुरू कर देगा।
संभावना है कि बरसाना की पहाड़ियों पर स्थापित श्रीजी के मंदिर तक पहुंचने के लिए इस वर्ष के आखिर तक रोप-वे बना दिया जाएगा। इसके लिए उद्यान, वन, राजस्व सहित एनजीटी की अनुमति हासिल कर ली गई है। रोप-वे की स्थापना में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण कार्यदायी संस्था का काम करेगा।
विप्रा ने अब बरसाना में स्थापित होने वाले रोप-वे के लिए ग्राम पंचायत की 1,170 वर्गमीटर जमीन की कीमत राजस्व विभाग को अदा कर दी है। इसमें 40.95 रुपये का भुगतान राजस्व विभाग को किया गया है। इसके अलावा यहां वन विभाग की 9000 वर्ग मीटर जमीन का भी भुगतान किया गया है।
इस जमीन पर 25 वृक्ष प्रभावित होंगे। इस तरह जमीन और वृक्षों की कीमत 1.27 करोड़ वन विभाग को अदा की गई है। अब उद्यान विभाग की जमीन के लिए भुगतान बाकी है।
बरसाना रोप-वे के लिए अब एजेंसी की तलाश जल्द शुरू हो जाएगी। यह रोप-वे पीपीपी मॉडल पर स्थापित होगा। इसके लिए जमीन और विभिन्न विभागों की सहमति विप्रा पूरी करेगा। धनराशि एजेंसी लगाएगी। कोशिश होगी कि बरसाना रोप-वे को इसी साल शुरू करा दिया जाए।
- सीपी सिंह, उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण, मथुरा