मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा को सुगंधित इत्र अर्पित करने की परंपरा के चलते इत्र की दुकानों पर मांग बढ़ गई है। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर आकर्षक शृंगार किया जाता है। इसमें इत्र का भी विशेष महत्व है।
श्रद्धालु कान्हा को पोशाक और शृंगार सामग्री के साथ इत्र भी भेंट करते हैं। इत्र बाजार में इन दिनों रूह खास, मोगरा, केवड़ा, हिना, शमामा, केसर, जूही, कहम, चंपा, मोरसली और कमल मिट्टी जैसी खुशबुओं के इत्र की मांग है। मथुरा में हालांकि देश में कई स्थानों से इत्र आता है पर ज्यादातर मांग कन्नौज और हसायन के इत्र की रहती है। दुकानदारों के अनुसार गुणवत्ता और खुशबू के हिसाब से इत्र की कीमत तय होती है। बाजार में 10 मिली इत्र की शीशी 100 रुपये से लेकर 16 हजार रुपये तक उपलब्ध है।
हर साल जन्माष्टमी पर इत्र की मांग बढ़ जाती है। लोग मोगरा, केवड़ा, हिना और रूह गुलाब जैसी खुशबू पसंद कर रहे हैं।
-अमित पांडेय- इत्र विक्रेता
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को देखते हुए पर्याप्त स्टॉक रखा है। महंगे इत्र के साथ सामान्य कीमत वाले इत्र की भी अच्छी मांग है।
-राजू- इत्र विक्रेता