फोटो 13आर श्रीकृष्ण बलराम रजक वध एवं गऊ चारन समिति गऊघाट द्वारा रजक मेले में भगवान श्रीकृष्ण बलरा?
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मथुरा। ब्रज के उत्सवों की परंपरा में रविवार को रजक वध लीला का आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूपों ने मसानी तिराहे पर रजक का वध किया। फिर श्रीकृष्ण-बलराम की सवारी शहर भर में निकाली गई। श्रीकृष्ण बलराम एवं गोचारण समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में विपुल पारीक ने बताया कि प्राचीन कथानुसार द्वापर युग में लोग कंस के अत्याचार से परेशान थे।
भगवान कृष्ण ही उसका काल है इस बात को जानते हुए उसने कृष्ण-बलराम को गोकुल से मथुरा बुलाया तथा उनको मारने की योजना बनाई। मथुरा नगर देखते समय कृष्ण-बलराम व ग्वालों को एक रजक मिला। उनका उस रजक से वाद-विवाद होता है। कृष्ण बलराम तथा ग्वालों ने उसका वध करते हैं। इसी परंपरा को आज भी मनाया जाता है। मेले में राधाविहारी गोस्वामी, धीरज गोस्वामी, दयानंद शर्मा, राकेश खंडेलवाल, राधा रमन उपाध्याय, श्याम सुंदर शर्मा, परमेश्वर शर्मा, योगेश आवा थे।