मथुरा। कोरोना का कहर रेलवे पर पूरी तरह से हावी है। पिछले १५ दिनों में रेल से सफर करने वाले करीब १८ हजार यात्री कम हो गए हैं। इससे जंक्शन में सन्नाटा पसरा हुआ है। रेलवे को इससे करोड़ों का घाटा हो रहा है।
जैसे-जैसे कोरोना का प्रकोप बढ़ा, लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया और इसका सीधा प्रभाव रेलवे पर पड़ा। कोरोना की दूसरी लहर के बाद जब रेलवे ने बंद ट्रेनों को चलाना प्रारंभ किया तो रेल यात्री ना के बराबर थे। लेकिन जैसे ही कोरोना का असर कम हुआ, न केवल रेलवे ने ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी बल्कि अनारक्षित टिकट भी देना प्रारंभ कर दिया और रेल यात्रियों की संख्या बढ़ना प्रारंभ हो गई।
दिसंबर के आखिर में यात्रियों की संख्या लगभग २५ हजार प्रतिदिन तक पहुंच गई थी। लेकिन जैसे ही कोरोना का दंश लगने लगा, लोगों ने ट्रेन से आना जाना ही बंद कर दिया। इस कारण जनवरी से अब तक मथुरा जंक्शन पर आने वाली ट्रेनों से जाने वाले यात्रियों की संख्या मात्र पांच हजार तक सिमट गई है। यात्रियोें की संख्या में यह गिरावट जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू हुई और १७ जनवरी तक रेल यात्रियों की संख्या मात्र पांच से चार हजार तक हो गई है।
इससे रेलवे का भारी नुकसान हो रहा है। जानकारी रहे जंक्शन से करीब १०० ट्रेन प्रतिदिन चल रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक रेलवे को करीब एक करोड़ रुपये अभी तक नुकसान हुआ है। पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड के चलते रेल में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में बड़ी कमी आई है। इससे रेलवे को काफी घाटा हो रहा है।