बिहार-बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा है कि राजभवन और राष्ट्रपति भवन शक्ति प्रदर्शन का स्थान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि बहुमत का फैसला सदन में होना चाहिए।
राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने शनिवार को यहां निजी कार्यक्रमों में शिरकत करने आए थे। वह सबसे पहले डैंपियर नगर स्थित समाजसेवी पवन चतुर्वेदी के आवास पर पहुंचे। यहां पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उनके खिलाफ व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं बोला है।
हां, वह 20 फरवरी तक जीतनराम मांझी को समय देने से संतुष्ट नहीं हैं। लेकिन यह गलत है। यह फैसला बिहार के मंत्रिमंडल द्वारा ही लिया गया है। नीतीश कुमार की मांग पर उन्होंने यह अवश्य कर दिया है कि विधानसभा सत्र शुरू होने पर वर्तमान सरकार को सबसे पहले अपना बहुमत सिद्ध करना होगा।
नीतीश कुमार की ओर से राष्ट्रपति भवन तक विधायकों की परेड कराए जाने पर राज्यपाल त्रिपाठी ने कहा कि ये राजनीतिक लाभ के लिए दबाव बनाने का एक हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बहुमत सदन में सिद्ध होना चाहिए। फिर राजभवन और राष्ट्रपति भवन में बहुमत प्रदर्शित करने का कोई मतलब नहीं है।
राज्यपाल यहां करीब 30 मिनट से अधिक रहे। अपने पुराने परिचितों से मुलाकात की। इस दौरान विष्णु चौबे, ब्रह्मानंद चतुर्वेदी, पवन चतुर्वेदी, विजय चतुर्वेदी, राधाकृष्ण खंडेलवाल, गजेन्द्रनाथ चतुर्वेदी, महेश्वरनाथ चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी, पूर्व विधायक चंदन सिंह, पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता, कुंवर नरेन्द्र सिंह, अजय सिंह, नंदलाल चतुर्वेदी, आरके चतुर्वेदी, मुकेश खंडेलवाल, योगेन्द्र चतुर्वेदी, गोपाल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
इसके बाद राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी पूर्व राज्यमंत्री रामप्रसाद कमल के डैंपियर नगर आवास पहुंचे और उनके निधन पर पुत्र हाईकोर्ट के जज भारत भूषण कमल, भुवन भूषण कमल को सांत्वना दी।
यहां से अपने पुराने परिचितों में शामिल भाजपा के वरिष्ठ नेता बांकेबिहारी माहेश्वरी के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। यहां काफी वक्त बिताया। यहां गिर्राज महाराज ग्रुप के उप सचिव आदित्य शुक्ला ने भी उनका अभिनंदन किया। देवेन्द्र शर्मा, तरुण सेठ, अशोक टेंटीवाल, रवि माहेश्वरी, राजेश चौधरी, गौरशरण सर्राफ, विनोद अग्रवाल, किशन स्वरूप पाराशर आदि मौजूद रहे।