मथुरा। भगवान केशवदेव द्वारा अपने भक्तगण महेन्द्र प्रताप सिंह व अन्य के माध्यम से 13.37 एकड़ जमीन पर किए गए दावे पर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में 22 जनवरी से सुनवाई प्रारंभ हो जाएगी। इस केस की अदालत में सुनवाई की पहली तारीख होगी। जबकि अभी तक अन्य मामलों में कोर्ट में दावे दाखिल नहीं हो सके हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट व अन्य द्वारा 23 दिसंबर 2020 को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा दाखिल किया गया। यह पहला दावा है जो कि अदालत में सीधे तौर पर दर्ज कर लिया गया। उनके द्वारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित भगवान केशवदेव को वादी बनाकर दावा दाखिल किया गया है। इस दावे पर सुनवाई की पहली तारीख होगी। जिसमें उनके द्वारा यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव के अलावा श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए वादी महेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने 13.37 एकड़ जमीन से शाही मस्जिद ईदगाह के कब्जे को हटवाने के उद्देश्य से दावा किया है।