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Mathura News: पांच साल बाद शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

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कैलाश पर्वत - फोटो : mathura
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कोसीकलां (मथुरा)। पांच साल से बंद कैलाश मानसरोवर यात्रा को चीनी मंत्रालय द्वारा हरी झंडी मिलते ही श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। श्रद्धालु पिथौरागढ़ की लिपुलेख पास मार्ग से संचालित यात्रा के साथ-साथ नेपाल होकर भी यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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करीब पांच वर्ष पहले 2019 में कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई थी। कोरोनाकाल के बाद यात्रा पर रोक लग गई। तब से कैलाश मानसरोवर यात्रा नहीं हुई। स्थानीय निवासी रामकिशन फालैनियां, अनिल प्रधान ने बताया कि वह लगातार पिछले पांच वर्ष से यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। नगर के 30 से अधिक यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तैयारियों में जुटे गए हैं।

फ्लाई एवरेस्ट होलीडे के प्रबंधक कटक तंम्ग ने मोबाइल पर बताया कि चीनी सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए खुल गई है। श्रद्धालु अब आसानी से नेपाल होकर यात्रा कर सकेंगे। सुशील जोशी ने बताया कि शुल्क और रूट के लिए गाइडलाइन नहीं जारी की है। इस बार शुल्क में बढ़ोतरी की उम्मीद है। नेपाल होकर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई रोक नही है। यह यात्रा न सिर्फ भारत बल्कि नेपाल और विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था और आत्मिक शांति का केंद्र रही है।
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दो बार कर आए हैं यात्रा
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर दो बार गए निरंजन प्रसाद अग्रवाल और सुभाष गोयल ने बताया कि वह दोनों दो बार नेपाल के रास्ते से गए हैं। वहां जाने के लिए चीन की सीमा को पार करना पड़ेगा। सरहद पार करने के बाद पांच दिन की यात्रा करके मानसरोवर पहुंचते हैं। यहां दायचिंग बेस कैंप है। वहां से फिर तीन दिन मानसरोवर की परिक्रमा करने में लगते हैं। कहा कि चीन और भारत में इस यात्रा को लेकर हमेशा संबंध सहज रहे हैं, यह बात अलग है कई बार दोनों देशों के तल्ख रिश्तों का असर इस यात्रा पर देखने को मिल जाता है। अबकी बार पांच वर्ष बाद यात्रा शुरू हो रही है, इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है।
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