केस की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट मनोज कुमार मिश्रा ने अभियुक्त हरी और प्रेम को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सनाई है। विशेष लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि अदालत ने सजा के साथ-साथ दोनों पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जवान से हो गए बुजुर्ग
न्यायिक प्रक्रिया इतनी लंबी चली कि जो अभियुक्त जवान थे, अदालत का निर्णय आते-आते बुजुर्ग हो गए। जिस समय उन पर घटना का आरोप लगा था तब वह युवक थे। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि पहले तो एफआईआर होने में ही परेशानी हुई थी। बाद में जब न्यायालय के आदेश से रिपोर्ट दर्ज हुई तो अभियुक्तगण हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। वर्तमान में दोनों अभियुक्त लगभग 65-65 वर्ष के हैं।