जवाहर बाग हिंसा की जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग के चेयरमैन मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा शनिवार को मथुरा पहुंच गए। उन्होंने यहां पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ घटनास्थल जवाहर बाग का जायजा लिया। साथ ही इस मामले से जुड़े संपूर्ण साक्ष्य प्रशासन से मांगे हैं।
जवाहर बाग हिंसा की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे दिल्ली से मथुरा पहुंचे। उनके आगमन से एक दिन पहले ही न्यायिक आयोग के सचिव सेवानिवृत्त जिला जज प्रमोद कुमार गोयल मथुरा आ गए थे। आयोग के चेयरमैन मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा के मथुरा पहुंचने पर डीएम और एसएसपी सहित अन्य अफसरों ने उनसे मुलाकात की। घटना के पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में मौजूद रिकार्ड देने को कहा है। कहा गया है कि इसमें 15 मार्च, 2014 से 2 जून, 2016 तक अपनाई गई संपूर्ण कार्रवाई के साक्ष्य हों। एफआईआर, केस डायरी, हाईकोर्ट के आदेश, अवमानना, जनरल डायरी भी शामिल रहें।
इसके बाद न्यायिक आयोग के चेयरमैन ने घटनास्थल का दौरा किया। सबसे पहले उन्होंने जवाहर बाग के लिए जाने वाले रास्ते के मुख्य द्वार स्थल को देखा, जहां लाठी-डंडों के साथ स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह के लोग खड़े रहते थे। इसके बाद जवाहर बाग में वाहनों के काफिले के साथ प्रवेश किया। यहां सर्वप्रथम जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने हिंसा के दौरान हुई आगजनी से जले पेड़ों को देखा। बाग में मौजूद जली हुई गाड़ियां, चावल और आटा बनाने वाली मशीन, रसोई से संबंधित स्थल, जगह-जगह मौजूद राख के ढेर को भी देखा।
इस दौरान न्यायिक आयोग के चेयरमैन को वह स्थल भी दिखाया गया, जहां से दो जून को हिंसा की शुरुआत हुई थी। घटना के दौरान मौजूद एसपी ग्रामीण अजय कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव ने दो जून का वाक्या दोहराया।
इस अवसर पर डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, एसएसपी बबलू कुमार, एडीएम वित्त रवीन्द्र कुमार, एसडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी, एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी, एमवीडीए सचिव विजय कुमार, एसडीएम सदर राजेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, सीओ चक्रपाणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।