रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने सर्जिकल स्ट्राइक का जश्न मनाने को गलत बताया है। पैदल यात्रा के बाद अनाज मंडी में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीमा पर तनाव बना हुआ है, राजनीतिक दल सर्जिकल स्ट्राइक का जश्न मना रहे हैं, ये गलत है। उन्होंने देश की सुरक्षा में लगे जवानों की मदद के लिए अलग से राहत कोष बनाने की मांग की।
जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार शहीद सैनिकों के परिवारों को किए वादे पूरे नहीं कर रही है। पाकिस्तान के सैनिकों की बर्बरता का शिकार हुए लांसनायक हेमराज के परिवार से किए वादे भी प्रदेश सरकार अभी तक पूरे नहीं कर पाई है। शहीदों की कुर्बानी बेकार नहीं जाने दी जाएगी। वह किसी बहकावे में न आएं।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसानों को रालोद की नीतियों से जोड़ें और उन्हें सपा-भाजपा के षड्यंत्रों से दूर रखें। जयंत चौधरी ने अबकी बार ‘मेरी सरकार, अबकी बार हमारी सरकार’ के स्लोगन को आगे बढ़ाया। कहा कि इससे जुड़कर प्रदेश में सरकार, राज्यसभा, संसद में संख्या बढाएं, तभी विकास संभव है। वो लोगों की समस्या के निदान के लिए लखनऊ तो क्या देश के किसी भी हिस्से में जाने के लिए तैयार हैं।
जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर ध्यान दिया होता तो जनसमस्याओं का समाधान हो चुका होता और ये नौबत नहीं आती। सभा में हरीश शर्मा, डा. अमर सिंह पौनिया, जितेन्द्र सिंह, डालचंद चौधरी, पवन चतुर्वेदी, कुमरचंद रावत, डा. युनुस कुरैशी, रामवीर सिंह भरंगर, नरेन्द्र सिंह, दीपक चौधरी, ऊधम सिंह आदि थे।
मंच पर गिर पड़े जयंत
सभा में संबोधन के दौरान गरमी के चलते जयंत चौधरी की हालत बिगड़ गई। वो अपने को संभाल नहीं सके और दो बार गिर पड़े। कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला। इसके बाद उन्होंने राम-राम के संबोधन के साथ अपना संबोधन समाप्त कर दिया।
नहीं पहनाई चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा को माला
जयंत चौधरी अनाज मंडी में स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए नहीं पहुंचे। हालांकि सभा संचालनकर्ता बार-बारे उनके द्वारा प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए पहुंचने की घोषणा कर रहे थे। बताया गया कि गरमी से वो काफी परेशान दिखे। उन्होंने इस दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से लाई गई स्वागत माला को भी नहीं पहना।