रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोटबंदी के बाद अब होठबंदी कर रहे हैं। किसी को बोलने नहीं दिया जा रहा। जनता की गाढ़ी कमाई को काली कमाई बना दिया है। एक तरफ किसान कर्ज में डूब रहा है उधर, मोदी सरकार डिफाल्टरों का कर्ज माफ कर रही है। वह मंगलवार को नंदगांव और तरौली में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे।
नंदगांव में रंगीली चौक के सामने मैदान में समर्थकों को संबोधित करते हुए रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने नोटबंदी करके देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। लाखों लोग बेरोजगार कर दिए हैं। सरकार पब्लिक की शंकाओं का समाधान नहीं कर पा रही है। सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं।
किसानों की भीड़ देख गदगद जयंत चौधरी ने कहा कि खाद बीज के लिए भी उनके पास पैसा नहीं है। इन हालातों में जब किसानों का कर्ज माफ किया जाना चाहिए तब देश के प्रधानमंत्री ने 63 डिफाल्टरों का 60 हजार करोड़ माफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज केंद्र सरकार बाहर से गेहूं मंगवा रही है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष रामवीर भरंगर, राजेंद्र सिंह सिकरवार, कुंवर नरेंद्र सिंह, रविंद्र नरवार, वीरपाल मलिक, अनूप चौधरी, रामरसपाल पोनिया, कुंवर चंद्र रावत, मनीष शर्मा, रामकटोर पांडेय ने विचार रखे। यहां रालोद के वरिष्ठ नेता हरीश शर्मा ने जयंत चौधरी को गदा भेंट की, गोरक्षा दल ने फूलों की माला भेंट की। नंदगाव के चेयरमैन बदन सिंह पहलवान ने स्वाफा पहनाया।
छाता के गांव तरौली में किसान इंटर कालेज में आयोजित सभा में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि देश की कमाई पर पहला अधिकार हमेशा से गरीब किसान, मजदूर का रहा है। लेकिन केंद्र सरकार चुनिंदा चहेते पूंजीपतियों के सहयोग से राष्ट्र की संपत्ति पर अपना कब्जा कर रही है।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह का कहना था कि देश के विकास का रास्ता किसान, खेत और खलिहान से होकर निकलता है। इसी पर काम करना चाहिए। आज देश भर का किसान रालोद के समर्थन में खड़ा है। इस मौके पर ठाकुर जितेंद्र सिंह एडवोकेट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी, सुरेश भगत, उधम सिंह एड., ताराचंद गोस्वामी, राजपाल भरंगर, दलबीर सिंह, सिकंदर सिंह, यदुवीर सिसौदिया, राजेश पहलवान, रोहताश पहलवान, किशन सिंह, भानू आदि उपस्थित रहे।
ईमानदार गठबंधन चाहता है रालोद
रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि रालोद ईमानदार गठबंधन चाहती है। सपा में कलह हुई तो हम लोग उनके परिवार के पास गए थे, लेकिन तब उन्हें हमारा यह गठबंधन पसंद नहीं आया। गठबंधन के रास्ते अब भी खुले हुए हैं।