पुलिस थानों के मालखानों में जमा रकम को पुलिस अदालत से अनुमति लेकर बैंकों में जमा कराएगी। पुलिस कप्तान ने सभी थानों से इस संबंध में रिपोर्ट मांग ली है। कहां कितना पैसा पड़ा है और किसका है।
मथुरा पुलिस के मालखानों में ही करीब दस करोड़ रुपया पड़ा है। ये रकम पुलिस ने या तो बदमाशों से बरामद की है या फिर जब्त की है।
इनमें अधिकांश 1000 और 500 के ही नोट हैं। अब पुलिस इस रकम बैंकों में जमा कराने की कोशिश कर रही है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने सभी थानाध्यक्षों से कहा है कि ऐसे कैश की पूरी डिटेल तैयार की जाए। कितना पैसा है और कब बरामद किया गया था। नकदी में 1000 और 500 के नोट कितने हैं। एसएसपी ने बताया कि इस रकम को अदालत से अनुमति लेकर बैंक में जमा कराया जाएगा। जिसका पैसा है उसे भी इस संबंध में बताया जा रहा है।
कोतवाली के मालखाने में डेढ़ करोड़ रुपया तो एक ग्वालियर के सराफ का ही पड़ा है। पिछले साल इस रकम को एक कार से बरामद किया गया था। इस पैसे को लेने के लिए आज तक ग्वालियर का सराफ नहीं आया है। 88 लाख रुपया एक अन्य सराफ का है। पुलिस ने इस पैसे को बदमाशों से बरामद किया था।
हालांकि इस पैसे को आयकर के कब्जे में दे दिया गया है। आयकर विभाग पूरी जांच पड़ताल करेगा।
वृंदावन कोतवाली, रिफाइनरी, मांट, नौहझील और बलदेव थानों के मालखानों में भी रकम पड़ी है। अब इस रकम को लेकर थानों के रजिस्टर खंगाले जा रहे हैं। हफ्ते भर के भीतर पूरी रिपोर्ट इस पैसे को लेकर तैयार की जानी है। अफसरों का कहना है कि इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों में प्रक्रिया चल रही है।