भगवान श्रीकृष्ण इस साल 5242 साल के हो जाएंगे और 5243वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष गणित में जो आकलन किया गया है उसके मुताबिक भगवान कृष्ण द्वापर के अंत में धरती पर 125 वर्ष तक रहे। कलियुग की आयु 5117 वर्ष बताई गई है। अगर इन दोनों को जोड़ लिया जाए तो कन्हैया की सही उम्र निकल आती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि शास्त्रों में उल्लेखित है कि भगवान श्रीकृष्ण द्वापर के अंत में धरती पर 125 वर्ष तक रहे। उनकी इस आयु में कलियुग की अभी तक की आयु 5117 वर्ष को जोड़ दिया जाए तो भगवान श्रीकृष्ण इस साल धरती पर अपने जीवन काल का 5242वां वर्ष पूर्ण कर लेंगे। 25 अगस्त को ब्रज में मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वे 5243वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष गणित से इस बात की पुष्टि होती है। प्राचीन निर्भय सागर पंचांग में भी इस गणित का उल्लेख है।
25 की मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि शास्त्रों में उल्लेखित है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह में अष्टमी के दिन मध्य रात्रि रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस बार 24 अगस्त को रात्रि दस बजकर 16 मिनट पर अष्टमी प्रवेश कर रही है, जो अगले दिन 25 अगस्त को दस बजकर 16 मिनट तक रहेगी। ऐसे में 24 अगस्त को जन्म के समय (मध्य रात्रि) अष्टमी है तो 25 अगस्त की मध्य रात्रि में रोहिणी नक्षत्र है। 24 को स्मार्ता लोग श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे। 25 अगस्त को वैष्णव जन इस उत्सव से आनंदित होंगे।
केशव देव मंदिर में 24 की मध्य रात को जन्माभिषेक
प्राचीन ठाकुर केशव देव मंदिर के गोस्वामी शंकर लाल के अनुसार उनके यहां जन्माभिषेक 24 अगस्त की मध्य रात्रि को होगा। वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के संयुक्त अधिशासी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव और द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि उनके यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्माभिषेक 25 अगस्त को मनाया जाएगा। श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष अमित भारद्वाज ने बताया पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय में उदय तिथि को प्रबल माना जाता है।