एमवीडीए द्वारा जनवरी में निरस्त किए गए नक्शे की आपत्तियों का निराकरण करने के लिए शुक्रवार को बाबा जयगुरुदेव संस्था के पदाधिकारी विप्रा कार्यालय पहुंचे। संशोधित नक्शा प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की।
बता दें कि बाबा जयगुरुदेव मंदिर के पीछे शासन से पट्टे पर मिली ग्राम पंचायत महोली सहित कुछ अन्य जगह को मिलाकर जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था ने एमवीडीए में नक्शा स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। इस आवेदन पर प्रस्तावित नक्शा में मानकों के तहत करीब 8-10 आपत्तियां लगाई गई थीं। इसके संदर्भ में कई नोटिस संस्था को जारी किए गए लेकिन निराकरण न करने पर नक्शा विकास प्राधिकरण के स्तर पर निरस्त कर दिया गया।
हालांकि, कार्रवाई पर बाबा जयगुरुदेव पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिस पर विप्रा उपाध्यक्ष को तीन माह में फैसला लेना था। इससे पहले ही शुक्रवार को बाबा जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के पदाधिकारी मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव विजय कुमार के समक्ष पहुंचे। यहां उन्होंने अधिवक्ता के साथ पूर्व नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करते हुए नक्शा संशोधन प्रस्तुत करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की मांग की। गौरतलब रहे कि इस मामले में शुक्रवार को डीएम और विप्रा उपाध्यक्ष के बीच भी मंत्रणा हुई है। संस्था ने नक्शा स्वीकृति से पहले ही काफी निर्माण कर लिया है।
डीएम ने ली बैठक
देर शाम मामले में डीएम के कैंप कार्यालय पर अफसरों की बैठक हुई। इसमें डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, एसएसपी बबलू कुमार, एमवीडीए वीसी सीपी सिंह, सचिव विजय कुमार, एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी ने पूरे प्रकरण पर चर्चा की। हाईकोर्ट में 28 जून को दाखिल होने वाले जवाब पर भी विचार किया गया।
बाबा जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि विप्रा ने पूर्व में जो आपत्तियां लगाई थीं, उनका निराकरण करते हुए संशोधित नक्शा प्रस्तुत करने के लिए उन्हें कुछ समय दिया जाए।
- विजय कुमार
सचिव, एमवीडीए