फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वस्थ्य होकर भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा और भाई के साथ पहुंचे मौसी के घर

Thu, 25 Jun 2020 09:55 AM IST
आगरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
भगवान जगन्नाथ के साथ बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के श्रीविग्रह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भगवान जगन्नाथ स्वस्थ होने के बाद बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ रथयात्रा के माध्यम से भ्रमण करते हैं। इसी प्राचीन परंपरानुसार भ्रमण के दौरान भगवान अपनी मौसी के घर गुंडीचा मंदिर पहुंचे।
विज्ञापन


आचार्य श्याम चतुर्वेदी ने बताया कि भगवान कृष्ण की बहन सुभद्रा मायके आई थीं तो उन्होंने भाइयों से नगर भ्रमण करने की इच्छा जताई थी। तब कृष्ण और बलराम, सुभद्रा के साथ रथ में सवार होकर नगर घूमने गए थे। इसके बाद से रथयात्रा का पर्व शुरू हुआ।

गुंडीचा मंदिर में स्थित देवी, भगवान श्रीकृष्ण की मौसी हैं जो तीनों को अपने घर आने का निमंत्रण देती हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेेदी ने बताया कि इसी प्राचीन परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर भ्रमण कर गुंडीचा मंदिर पहुंचे।
विज्ञापन


केशव देव मंदिर में सजाया फूलबंगला
प्राचीन केशव देव मंदिर में रथयात्रा महोत्सव में फूलबंगला सजाया गया। भगवान को नई पोशाक धारण कराई गई। सेवायत डॉ. अमित गोस्वामी, श्यामा चरण गोस्वामी, मुन्नी लाल गोस्वामी द्वारा भगवान का अभिषेक कराया गया। ठाकुरजी को मिश्री युक्त दाल, आम, जामुन शरबत का भोग लगाया गया। इसके बाद आरती उतारी गई। प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष पंडित सोहन लाल शर्मा, सुरेश चंद शर्मा, मनमोहन गोयल, मनमोहन सराफ, महेश टेंट वाले, प्रवक्ता नारायण प्रसाद शर्मा थे।

द्वारिकाधीश मंदिर में मना रथयात्रा महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
विश्व प्रसिद्ध ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। प्रात:काल समयानुसार सुबह 10 बजे मंदिर के पट खुले। भगवान द्वारिकाधीश को विशेष शृंगार के साथ सुंदर वस्त्र धारण कराए गए। महोत्सव के अंतर्गत ठाकुरजी के श्री विग्रह को सुजज्जित रथ में विराजमान कराया गया। इसके बाद ठाकुरजी के श्री विग्रहों ने मंदिर के जगमोहन में रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।

मंदिर के सभी मुखिया ठाकुर जी की हवा करते हुए बड़े भाव के साथ भ्रमण कराते रहे। आराध्य राजाधिराज की झांकी के दर्शन पाकर भक्त निहाल हुए। मंदिर प्रांगण ठाकुर द्वारिकाधीश के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। आम जामुन का विशेष प्रसाद निवेदित किया गया। साथ ही घोड़ों को खिलाने के रूप में चने की दाल का भोग लगाया जाता है।

प्रात: 10 बजे रथ यात्रा की पहली झांकी खुली, उसके पश्चात दूसरी तीसरी झांकी हुई और जो शयन के दर्शन 6 से 7 बजे तक होते थे वह 4:30 बजे से 5 बजे तक होकर बंद हो गए। मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज व डॉ. वागीश कुमार महाराज के निर्देशानुसार मंदिर में रथयात्रा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कोविड 19 में भारत सरकार की गाइडलाइन की वजह से बहुत ही सूक्ष्म रूप में मनाया गया। मंदिर में 5-5 के दल में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। श्रद्धालु मास्क लगाकर मंदिर में प्रवेश करते दिखे।
 
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण बड़े भाई बलराम और सुभद्रा के साथ रथ में विराजमान होकर जगन्नाथपुरी भ्रमण करते हैं। उसी मान्यता के अनुसार पुष्टिमार्ग संप्रदाय के सभी मंदिरों में रथयात्रा का उत्सव मनाया जाता है और घोड़ों के रथ पर विराजमान होकर भगवान भ्रमण करते हैं।

मंदिर के अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, समाधानी राजीव चतुर्वेदी, मुखिया सुधीर कुमार, जीतू थे। इधर श्रीजी बाबा आश्रम स्थित मथुराधीश मंदिर में भी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया। ठाकुरजी को रत्नजड़ित स्वेत वस्त्र धारण कराई गई। ठाकुरजी की मनोहारी झांकी दिव्य और आकर्षक लग रही थी। इस अवसर पर मधुसूदन शर्मा थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें