बलदेव। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने कहा कि किसानों को बाजरा का खराब बीज दिया गयाए जिससे अंकुरित ही नहीं हुआ, जिसका खुलासा मथुरा में हुआ है। सरकारी भंडार गृहों पर निजी कंपनी ने स्टाल लगाए थे। उन्होंने इसकी शिकायत आगरा मंडलायुक्त से की थीं। उसके बाद अधिकारी सक्रिय हुए। जिला कृषि अधिकारी ने आगरा के डीएम को अपनी रिपोर्ट दी।
मामले की जांच रिपोर्ट आने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर केंद्रीय कृषि मंत्रालय को शिकायत की। वहां से मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामला निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। आगरा कमिश्नर को पत्र लिखकर बताया करीब 700 (283 हेक्टेअर) एकड़ जमीन खराब बीज के कारण बंजर रह गई। प्रति हेक्टेअर एक लाख रुपये के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जाए। इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। तोमर ने कहा राजकीय भंडारों पर श्री राम (बाॅयो-एस145) प्रजाति का कुल 50 क्विंटल बीज उपलब्ध करवाया था। बीज विकास निगम की ओर से चयनित कंपनी बायो सीड्स जेनेटिक्स ने सरकारी भंडारों पर स्टॉल लगाकर यह बीज किसानों को दिया था। किसी निजी दुकान से यह बीज नहीं दिया गया। जैसे ही शिकायतें आने लगी तो बिक्री रोक दी गई। तब तक कुल 28 क्विंटल बीज बांटा जा चुका था।
बाद में बाकी को कंपनी ने वापस मंगा लिया। इसकी शिकायत बीज विकास निगम को भी की गई। निगम ने कमिटी गठित कर जांच करवाई। चार सदस्यों की कमिटी में जिला कृषि अधिकारी और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक शामिल थे। कमेटी ने पाया एक या दो प्रतिशत ही बीज अंकुरित हुए। कुछ दानों में ही जमाव देखा गया, लेकिन उसका अंकुर भी जमीन के बाहर नहीं आ पाया। संवाद