कोटवन-हरियाणा बार्डर पर स्थित गो-सेवाधाम अस्पताल में शनिवार को पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण ने नई इमारत और गायों के लिए एंबुलेंस का शुभारंभ किया।
समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि गो माता से हमारे देश की संस्कृति एवं संस्कार जुडे़ हुए हैं। ग्रंथों में भी इसके महत्व को प्राथमिकता से स्थान मिला है। यदि गोमाता पर संकट आएगा तो समझो हमारी सभ्यता पर भी चोट पहुंच रही है। लिहाजा गाय को बचाने एवं उसकी सेवा के लिए सभी को संकल्पित होना चाहिए।
गंभीर बीमारियों की चर्चा करते हुए आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि जीवनशैली में परिवर्तन कर हम गंभीर और असाध्य बीमारियों को दूर भगा सकते हैं। आयुर्वेद में कैंसर जैसी भयानक बीमारी को दूर करने की क्षमता है। उन्होंने डेंगू के रोगियों को बकरी के दूध से अच्छा गाय का दूध बताया।
भागवताचार्य चित्रलेखा देवी ने कहा कि गोधन को दुखी देखकर मेरे मन में उनकी सेवा का भाव उत्पन्न हुआ। चूंकि हम ब्रज से हैं तो यह भाव और गहरा हो जाता है। इसी भाव के तहत गोसेवा धाम अस्पताल का निर्माण संभव हो सका। जहां गायों की उपचार के साथ सेवा हो सकेगी। इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए। बताते चलें कि कोटवन-हरियाणा बार्डर स्थित गोसेवा अस्पताल में असहाय और दुर्घटना की शिकार गायों की सेवाभाव से नि:शुल्क उपचार किया जाता है।
कार्यक्रम में सेवाधाम के चेयरमैन सीताराम शर्मा, महामंत्री प्रत्यक्ष शर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरी सिंह पटेल, राष्ट्रीय गोरक्षा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह रावत, हवा सिंह, धीरज भारद्वाज, अजय गोयंका, शम्भू चौधरी, विनोद शर्मा, रमनदेव, डा. जीतू, डा. विजय कुमार, कैलास मेंबर, जगदीश अग्रवाल उपस्थित रहे।