धरनीधर शेषावतार ब्रजराज बलदेवजी का जन्मोत्सव शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कस्बा के श्रीदाऊजी मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ‘ब्रज में है रही जै-जैकार रोहिणी ने लाला जायौ है...’ की धुन पर लाला की छीछी लुटाई गई। इस अवसर भागवत प्रवक्ता श्रीकृष्णचंद्र ठाकुरजी महाराज ने कहा कि ‘जि ऐसौ आनंद भयौ कि मुख सौ कह्यौ न जाए।’ श्रद्धालुओं में इसे लूटने की होड़ रही। इसके अलावा अन्य मंदिरों और घरों में भी आयोजन हुए।
दाऊजी मंदिर में सुबह चार बजे पट खुलते ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। 108 पंडितों ने बलभद्र सहस्त्रनाम पाठ, हवन पूजा का आयोजन किया। इस दौरान मंदिर को आकर्षक रूप में सजाया गया था। दोपहर में विशेष प्रकार से निर्मित पंचामृत से दाऊजी का अभिषेक हुआ। इसके बाद ब्रज के राजा ने मनोहारी शृंगार और बेशकीमती हीरा जवाहरात के साथ विशेष दर्शन दिए। दोपहर तक लाखों भक्तों ने दाऊजी महाराज और रेवती मैया के दर्शन कर लिए थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने साथ लड्डू गोपाल को भी लेकर आए थे।
पूरा मंदिर परिसर ‘जै हलधारी जै बलधारी तेरी जय हो..., बाजे दाऊ बाबा का डंका चहुंओर, बलिहारी जाऊं अपने दाऊ दादा के चरणन में..., ब्रज में मच्यौ हल्ला रोहिणी ने जायौ लल्ला..., दाऊ बाबा अवतारी इनकी महिमा है निराली..., नंद के आनंद भये जय दाऊदयाल की... आदि भजनों से गुंजायमान रहा।
इसके बाद समाज गायन और फिर नंदोत्सव हुआ। इसमें मंदिर रिसीवर आरके पांडेय ने नारियल और हल्दी, दही, माखन, केसर मिश्रित प्रसाद रूप में लाला की छीछी लुटाई। श्रद्धालु इसे पाकर धन्य हो गए। बलदेव के समक्ष मल्लविद्या का प्रदर्शन कर नारियल लूटने की होड़ रही। नंदोत्सव के पश्चात क्षीरसागर की परिक्रमा करते हुए सेवायत अपने घरों को गए। मंदिर में व्यवस्थाएं बलभद्र युवा कल्याण सेवा समिति के सदस्यों नेे संभालीं।
ब्रजराज के जन्मोत्सव पर इंद्र भी बरसे
ब्रजराज दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर दोपहर को समाज गायन के बाद जब नंदोत्सव का शुभारंभ हुआ तो अचानक इंद्रदेव भी मेहरबान हो गए। देखते ही देखते तेज वर्षा होने लगी। दधिकाधौं उत्सव से पहले बारिश बंद हो गई थी।