मथुरा। हाईवे थाना क्षेत्र के महेंद्र नगर में डेयरी संचालक के साथ मारपीट करने और छात्र को गोली मारकर घायल करने के आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ने वाले दरोगा और हेड कांस्टेबल को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से सोमवार को भी जमानत नहीं मिली। विवेचक की लापरवाही से नाराज कोर्ट ने विवेचक बदलने और विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए एसएसपी को आदेश दिया है। साथ ही 13 जून को पूरी केस डायरी के साथ कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि हाईवे थाने के तत्कालीन मंडी चौकी प्रभारी विदित कुमार और हेड कांस्टेबल दिलीप पौनिया ने 11 मई को महेंद्र नगर में मारपीट और फायरिंग के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसे मुठभेड़ में घायल करने की धमकी देते हुए दो लाख रुपये की मांग की। इसकी शिकायत सदर के औरंगाबाद निवासी रजनीश उर्फ भूरा ने पुलिस से की। एसएसपी श्लोक कुमार ने मामले की जांच कराई। साथ ही 15 मई को हाईवे थाना प्रभारी आनंद शाही ने मुठभेड़ में हंसराज कॉलोनी निवासी सिद्धार्थ उर्फ कृष्णा को पकड़ा। मुठभेड़ में उसकी टांग में गोली लगी।
पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम तो बताए साथ ही उसने बताया कि मंडी चौकी प्रभारी विदित कुमार और हेड कांस्टेबल दिलीप पौनिया ने 11 मई को ही सचिन को पकड़ लिया, लेकिन 80 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ दिया। इधर, एसएसपी की जांच में भी रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने की बात सच निकली। एसएसपी श्लोक कुमार ने औरंगाबाद निवासी रजनीश उर्फ भूरा की तहरीर पर चौकी प्रभारी और हेड कांस्टेबल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थाना प्रभारी निरीक्षक को दिए। पुलिस ने 15 मई को रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया।
16 मई को आरोपी दरोगा और हेड कांस्टेबल ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत की याचिका दायर की। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में दरोगा और हेड कांस्टेबल की याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की विवेचना करने वाले दरोगा को कोर्ट ने फटकार लगाई और एसएसपी से विवेचक बदलने के आदेश दिए हैं। साथ ही एक माह के अंदर भी विवेचक द्वारा साक्ष्य एकत्रित नहीं कर पाने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए भी पत्र भेजा है।