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Budget 2025: रास नहीं आई सोने-चांदी पर महंगाई, महिलाएं बोलीं-पहले से दाम आसमान पर; अब गहने हुए पहुंच से दूर

सार

महिलाएं छोटी-छोटी बचत कर सोने-चांदी के गहनों के लिए रुपये जोड़ती हैं। ये आभूषण मुसीबत में भी काम आते हैं। इसके साथ ही नाैकरी पेशा महिलाओं को पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई।
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सोने के आभूषण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से महिलाएं कुछ खास खुश नजर नहीं आ रही हैं। महिलाओं का कहना है कि सोना-चांदी तो पहले से ही महंगा था। महिलाएं छोटी-छोटी बचत करके सोने-चांदी के गहने खरीदती हैं, अब बजट में भी सोना-चांदी महंगा हो गया, अब ये गहने महिलाओं के लिए और महंगे साबित होंगे।
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संसद में बजट पेश किया गया। इसमें महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की गईं, लेकिन सोने-चांदी पर आई महंगाई महिलाओं को रास नहीं आई। इनका कहना है कि महिलाओं का गहना महंगा होने से शृंगार फीका लग रहा है। उधर, सर्राफा बाजार के ज्वैलर्स अजयकांत गर्ग का कहना है कि शादी-ब्याह को छोड़ दें तो आम दिनों में महिलाएं सोना-चांदी कम ही खरीदती हैं।

इससे उनकी बचत का पैसा बाजार में नहीं आ पाता है और बाजार मंदा चलता है। नौकरी पेशा महिलाएं पुरानी पेंशन की बहाली की आस लगाए थीं, वो भी नहीं हुआ। ऊपर से सोना, चांदी और प्लेटिनम के दाम बढ़ रहे हैं। सोना तो पहले से ही प्रति दस ग्राम 84000 रुपये के पार चल रहा है।
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स्वाति शर्मा ने कहा कि सरकार ने आम चीजें सस्ती नहीं कीं। किसी भी चीज में बढ़ोतरी होने से घर का बजट हिल जाता है। सोना-चांदी महिलाओं के आड़े वक्त में भी काम आता है। बजट में राहत के नाम पर हमारे हाथ कुछ नहीं आया है।

अंजली खंडेलवाल ने कहा कि टैक्स में सरकार ने कर्मचारियों का कान घुमाकर पकड़ा है। सरकारी कर्मचारी का दो माह का वेतन तो अब सिर्फ टैक्स में ही चला जाएगा। सोने-चांदी के दामों में बढ़ोतरी कर महिलाओं को निराश किया है।

पारूल ने कहा कि लोग सोना केवल पहनने के लिए ही नहीं, बल्कि निवेश की दृष्टि से भी खरीदते हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए थी। ये बजट तो महिलाओं के लिए सामान्य ही रहा है, इसे खास नहीं कहा जा सकता है।

रितू ने कहा कि बजट में रोजगार को लेकर कोई वादा नहीं किया गया है। महिला शिक्षा और रोजगार पर अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। महिला सम्मान बचत पत्र निम्न वर्गीय परिवारों की महिलाओं के लिए संभव।
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