वृंदावन। राधाष्टमी पर संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा से इंद्रदेव भी हर्षाए। उन्होंने भक्ति की वर्षा कर दी। जैसे ही बरसात शुरू हुई, यात्रा में जोर और शोर बढ़ गया। राधा नाम के जयकारों से सड़कें गूंज उठीं। बैंड-बाजे की मधुर धुनों पर श्रद्धालु राधा नाम का संकीर्तन करते हुए यात्रा में शामिल हुए।
बारिश भी आस्था की इस यात्रा को रोक नहीं सकी। संत प्रेमानंद महाराज व उनके सेवक छाते लेकर आगे बढ़ते रहे, जबकि अनेक श्रद्धालु बिना किसी संकोच के भीगते हुए सड़कों पर खड़े रहकर दर्शन करते रहे। पदयात्रा में राधा नाम के जयघोषों से वातावरण गूंज उठा और हर ओर भक्ति की वर्षा होती रही।