वृंदावन परिक्रमा मार्ग में अवैध निर्माण को तोड़ता जेसीबी
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वृंदावन। मानसून आने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक तीन दिन बाद यहां बारिश हो सकती है। ऐसे समय में नगर निगम के अधिकारियों को जलभराव की समस्या की याद आई है। आनन-फानन में औपचारिकताएं निभाने के लिए नालों की सफाई और उन पर अतिक्रमण हटाने के अभियान की शुरूआत कर दी गई है। बृहस्पतिवार को परिक्रमा मार्ग में नालों से अतिक्रमण हटाए गए।
वृंदावन पिछले कई सालों से बारिश के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता है। इसका सामना यहां आने वाले श्रीबांकेबिहारी के भक्तों को भी करना होता है। इसका कारण नालों की नियमित और व्यवस्थित सफाई और अतिक्रमण का न हटाया जाना है। अब जबकि बारिश की घंटी बज चुकी है तो नगर निगम के अधिकारी अपने इस दायित्व की इतिश्री करने में जुट गए हैं।
वृंदावन का पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित है। अनेक स्थानों पर अस्थाई अतिक्रमण कर लिया गया है। छटीकरा से वृंदावन जाने वाला मार्ग के अधिकांश स्थानों पर नालों को कब्जा लिया गया है। सौ फुटा से लेकर इस्कॉन तक तथा यहां से विद्यापीठ तक नालों का बुरा हाल है। इसके अलावा सीएफसी चौराहा, किशोर पुरा, आंबेडकर पार्क के पास, गोरानगर कॉलोनी आदि स्थानों पर नालों पर कब्जे हैं।
बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम ने नगर आयुक्त रवींद्र मांदेड के नेतृत्व में परिक्रमा मार्ग में अतिक्रमण हटाए। निकुंजवन के समीप निर्मित मैत्री घर के पास, पुराने कालेबाबू अस्पताल से होकर यमुना खादर की ओर जाने वाले नाले पर बने स्थायी अतिक्रमण को जेसीबी से हटाया गया।