मथुरा। मथुरा बस स्टैंड पर खड़ीं बसें।
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मथुरा। डिपो में पहले से संचालित 180 बसों के बीच अब 10 नई बसों की आमद ने रोडवेज कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि बस स्टैंड पर वाहन खड़े करने तक के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। पर्याप्त पार्किंग और संचालन व्यवस्था न होने से रोडवेज कर्मियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बस स्टैंड पर सवारियों को भरने के लिए भी उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है।
कर्मचारियों का कहना है कि बसों की अधिकता के कारण निर्धारित समय पर सवारी भरना कठिन हो गया है। मजबूरी में कई बार कम यात्रियों के साथ ही बसें रवाना करनी पड़ती हैं। इससे न सिर्फ डिपो की आय प्रभावित हो रही है, बल्कि कर्मचारियों पर समय सीमा में सेवाएं पूरी करने का दबाव भी बढ़ रहा है।
यात्रियों की बढ़ती संख्या के लिहाज से बसों की उपलब्धता सकारात्मक है, लेकिन 10 नई बसों की तैनाती के बाद रोडवेज प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बस स्टैंड और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने की है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन के लिए 20 नई बसें और आने वाली हैं। ऐसी स्थिति में बसों के संचालन के लिए चालक और परिचालक की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। स्टेशन डायरेक्टर संतोष अग्रवाल का कहना है कि चालक परिचालक की भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है।