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Mathura News: सेहत को रखना है दुरुस्त तो साइकिल से क्यों परहेज

Sat, 03 Jun 2023 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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मथुरा। संयुक्त राष्ट्र हर साल 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाता है। मकसद लोग न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूक हों बल्कि अपनी सेहत को भी दुरुस्त रख सकें। यूं तो एक जागरूक व्यक्ति सेहत के नजरिये से हर काम में साइकिल को प्राथमिकता देता ही है, लेकिन कामकाजी लोग भी सुबह और शाम सैर साइकिल के जरिए कर खुद को फिट रखने की कवायद करते हैं, खासकर मेट्रो सिटी में सुबह-शाम सड़कों पर साइकिल सवारों को बहुतायत में देखा जा सकता है। इनमें न केवल बुजुर्ग बल्कि डॉक्टर, वकील, उद्यमी जैसे प्रोफेशनल लोग भी होते हैं। लेकिन मथुरा में ऐसा कम ही दिखेगा। इससे जाहिर की लोग अपनी सेहत को लेकर जागरूक नहीं हैं। खासकर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण में साइकिल का क्या महत्व है, इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।
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शहर में टैंक चौराहे से औरंगाबाद तक साइकिल ट्रैक भी बना है, लेकिन सुबह-शाम इस पर सन्नाटा पसरा रहता है। हालांकि बच्चों और कामगारों को जरूर रोड पर साइकिल चलाते देखा जा सकता है, लेकिन इसके पीछे सेहत को दुरुस्त रखने की सोच नहीं है। जरूरतमंद लोग साइकिल के जरिए ही आवागमन करते हैं। दिन में 20-20 किलोमीटर साइकिल चला लेते हैं और बच्चे स्कूल और ट्यूशन जाने में साइकिल का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि युवाओं को बाइक पसंद है, साइकिल चलाने में उन्हें झिझक महसूस होती है।

मोटापे समेत कई बीमारियां घेर रहीं
बदलती लाइफ स्टाइल के बीच लोग मोटापे के साथ-साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए साइक्लिंग बेहतरीन व्यायाम है। साइकिल चालकर खुद को एक्टिव और फिट बनाना आसान है। वजह यह है कि इसे भी एक तरह की एक्सरसाइज ही माना जाता है, लेकिन साइकिल चलाने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं, इसकी जानकारी शायद ही हर किसी को नहीं होगी।
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साइकिल चलाने को लेकर लोगों में पहले जैसा क्रेज नहीं रहा है। उन्हें लगता है किस्टेटस कम हो रहा है। युवा वर्ग साइकिल चलाने में अपनी तौहीन समझता है। इससे भी अब साइकिल का प्रयोग काफी कम हो गया है।
- नीरज चौधरी व्यापारी

- साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए काफी बेहतर है। मैं तो कैंपस में भी साइकिल ही चलाता हूं। बाजार जाने में भी इसका प्रयोग करता हूं। इससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है। सामाजिकता भी बढ़ती है क्योंकि साइकिल पर चलने के दौरान कोई परिचित मिल जाता है तो आराम से रुक सकते हैं।
- डॉ. ललित मोहन शर्मा, प्राचार्य बीएसए कॉलेज

युवा नशे के प्रति अधिक आकर्षित हो रहा है। व्यायाम करने, सुबह टहलने एवं साइकिल चलाने में अपना समय खर्च करना नहीं चाहता है। जबकि साइकिल चलाने से उनका स्वास्थ्य सही रह सकता है।
- डॉ. अजय कृष्ण सारस्वत, प्रधानाचार्य, सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज

अब आ गई हैं स्टाइलिश साइकिलें
भरतपुर गेट स्थित दुकानदार अरविंद विग ने बताया कि अब बच्चों की साइकिलें अधिक बिकती हैं। इनकी कीमत 1500 से लेकर 15 हजार तक है। स्टाइलिश साइकिलों का बाजार काफी गर्म रहता है। अब साइकिलों के पहिए भी पतले की जगह मोटे होने लगे हैं। लगता है कि पता नहीं कैसे साइकिल चलेगी, लेकिन इसे चलाना मुश्किल नहीं होता। इन्हें माउंटेन टेरिन बाइक (एमटीबी) साइकिल कहा जाता है। इसकी कीमत 5 से लेकर 45 हजार तक आती हैं। हाईब्रिड के नाम से साइकिल निकाली है,जिसकी कीमत 6 हजार से 15 हजार तक है। यह पतले टायर की होती है। इन दोनों ही कंपनी की साइकिल साधारण के साथ गियर में भी आती है। डिमांड पर 1.80 लाख रुपए तक की साइकिल भी मंगा दी जाती है।
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क्या है फायदे
डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि साइकिल चलाने से शरीर को कई तरह से फायदा होता है।
- हृदय रोग, स्ट्रोक, कई तरह के कैंसर, डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
- हाथ पैर की मांसपेशियां और फेफड़े मजबूत होते हैं।
- साइकिल चलाने के दौरान हार्ट रेट काफी बढ़ जाती है, जिससे दिल खून को अधिक प्रभावी ढंग से पंप करता है।
- डिप्रेशन और तनाव को रोकने में भी मदद मिलती है।
-साइकिल चलाने से हैप्पी हार्मोन रिलीज होते हैं, जो मूड को अच्छा करते हैं।
- रोज कुछ घंटे की साइकिलिंग से नींद भी अच्छी आती है।
- रोजाना आधे घंटे के लिए साइकिल की सवारी करने से लगभग 300 किलो कैलोरी ऊर्जा जलाने में मदद मिल सकती है।
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