मथुरा। हेलमेट नहीं पहने हैं तो कोई बात नहीं गाड़ी में पेट्रोल फिर भी पड़ जाएगा। पेट्रोल पंपों पर जब आप पहुंचेंगे तो कर्मचारी खुद ही आपको हेलमेट मुहैया कराकर गाड़ी में पेट्रोल डाल देगा और उसके बाद हेलमेट को वापस ले लेगा।
शासन-प्रशासन की ओर से चल रहे नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान की सख्ती के बाद भी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के वाहनों में तेल डाला जा रहा है। पंप स्वामियों ने खुद को बचाने के लिए यह नया फंडा अपनाया है। अमर उजाला की टीम ने जब पेट्रोल पंपों पर जाकर वहां का हाल जाना तो यह हकीकत सामने आई।
अधिकांश स्थानों पर देखने को मिला की बिना हेलमेट पहने तेल डाला जा रहा है। पंप कर्मचारी चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक नहीं कर रहे हैं जबकि प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को जिम्मेदारी दी कि उनके यहां बिना हेलमेट के आने वाले लोगों को पेट्रोल न दिया जाए। मुनाफा कमाने के लिए संचालक अपनी जिम्मेदारी को भूल नियमों पर पलीता लगा रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। यही कारण है कि सड़कों पर लोग बिना हेलमेट वाहन चला रहे हैं। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना है, बल्कि सड़क सुरक्षा के साथ भी समझौता है। संवाद
दोपहर 12:33 बजे
सौंख अड्डे के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर कई बाइक सवार बिना हेलमेट पहने ही बाइक में पेट्रोल डलवाने पहुंचे। एक वाहन चालक को जब कर्मचारी ने हेलमेट पहने नहीं देखा तो उसे तत्काल अपने पास से हेलमेट दिया और बाइक में तेल डालकर वापस ले लिया।
दोपहर 1:00 बजे
भूतेश्वर चौराहा पर पेट्रोल पंप पर भी अधिकांश लोग बिना हेलमेट के पहुंचे। कर्मचारियों ने एक बार भी हेलमेट पहनकर आने की सलाह नहीं दी और गाड़ी में पेट्रोल डालते दिखे। ऐसा ही हाल अन्य पेट्रोल पंपों पर भी देखने को मिल रहा है।
शाम 5:15 बजे
भरतपुर गेट रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों ने हेलमेट मशीन की पाइप से बांध दिया है। बिना हेलमेट के आने वाले लोगों को कर्मचारी तेल डालने के लिए हेलमेट उपलब्ध करा रहे हैं।
पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना हेलमेट के बाइक चालकों को पेट्रोल न दें। जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। यदि सरकार के आदेश का पालन होते न मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
-सतीश मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी, मथुरा
भूतेश्वर चौराहा के पास पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट वाहन सवार को पेट्रोल देता सेल्समैन