भीषण सर्दी में आपको यदि सांस लेने में घुटन, दिल में घबराहट जैसे संकेत मिल रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। बिना देरी किए चिकित्सक को दिखाएं। ये संकेत बड़ा खतरा हो सकते हैं।
ठंड बढ़ गई है। रात में ठंड से बचाव के लिए हीटर जलाकर छोड़ने से शरीर में और आसपास ऑक्सीजन की कमी होने से लोगों की सांसें उखड़ रहीं हैं। इसमें अधिक संख्या उन लोगों की है, जो पहले से अस्थमा, हृदय आदि की बीमारी से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ही बात करें तो सोमवार को ओपीडी में सांस से संबंधी 150 से अधिक मरीज पहुंचे। चिकित्सक सलाह दे रहे हैं कि कमरे को हीटर से गर्म करने के बाद बंद कर दें। हीटर खुला न छोड़ें। इसके अलावा खिड़की भी खुली रखें, ताकि वेंटिलेशन बना रहे। सर्दियों में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और खानपान बढ़ जाता है। ऐसे में चिकित्सकों के अनुसार पौष्टिक, सुपाच्य भोजन सोने से कम से कम दो घंटे पहले ले लें, जिससे पाचन खराब न हो।
सिर ढककर निकलें, बीपी रखें नियंत्रित
ठंड में ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सीएमएस डाॅ. मुकुंद बंसल ने बताया कि शरीर का तापमान सामान्य रखें। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। नियमित चेक कराते रहें। चिकित्सक द्वारा जो दवा लिखी गई हैं उस दवा की डोज को संशोधित करा लें। इसके अलावा जब सुबह को सोकर उठें तो तुरंत बाहर न निकलें।
ऐसे करें बचाव
अस्थमा, हृदय के मरीज ठंड के साथ ही धुएं से दूरी बनाएं, सोने से दो से ढाई घंटे पहले पौष्टिक सुपाच्य भोजन कर लें, पानी हल्का गुनगुना करके पीएं, शरीर में पानी की कमी न होने दें, हरी सब्जियों के साथ फलों का भी करें सेवन।