मथुरा। अगर बच्चे की आंख की पुतली में सफेदी है तो इसे नजरअंदाज न करें। यह ट्यूमर का लक्षण हो सकता है। इसे रेटिनोब्लास्टोमा कहते हैं। आंखों में भैंगापन, तिरछापन और सूजन भी इसी के लक्षण हैं। जिला अस्पताल में हर माह ऐसे 20-30 मरीज पहुंच रहे हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. धीरेंद्र कुमार के अनुसार वक्त रहते इलाज मिल जाए तो ये पूरी तरह ठीक हो जाता है। नजरअंदाज करने या देरी होने पर धीरे-धीरे इस तरह की स्थिति होने से आंख की रोशनी जा सकती है। उन्होंने बताया कि बच्चों में ल्यूकीमिया एवं लिंफोमा ज्यादा मिलता है। ये कीटनाशक, रसायन, वायरल संक्रमण व जेनेटिक वजहों से भी हो सकता है। इस तरह की दिक्कत होने पर पहले अभिभावकों को बच्चों की जांच कराने की सलाह दी जाती है। इसके बाद में उपचार होता है।
बताया कि सुबह लगातार तेज सिरदर्द और उल्टी होना इसका लक्षण है। अकारण बुखार, वजन कम होना, लगातार खांसी, सांस फूलना व रात में पसीना आना, खून की कमी, खून का रिसाव व हड्डियों में दर्द भी इसी तरफ संकेत करते हैं।