कोसीकलां। माह-ए-रमजान दस्तक देने को तैयार है। 28 फरवरी को चांद दिखा तो एक मार्च से रोजा शुरू हो जाएगा। एक बार फिर मुस्लिम समुदाय को गुनाहों की माफी का मौका मिलेगा। रोजेदारों को चांद के दीदार का इंतजार है। फिर रोजे और इबादत का सिलसिला शुरू होगा।
कुरान की तिलावत की सदाएं तेज होंगी। बाजार भी तैयारी पर है। तरह-तरह की खजूरों से दुकानें सज गई हैं। मेवे की मांग तेज हो गई है। रमजान की आमद के मद्देनजर हाफिजे कुरआन कमर कस चुके हैं। मदरसों में कुरआन की मश्क (अभ्यास) का दौर जारी है।
उधर माह-ए-रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह के लिए मस्जिदों को तैयार किया जा रहा है। सरायशाही मस्जिद के मौलाना जर्रार हुसैन ने बताया कि अगर 28 फरवरी को चांद नजर आया तो एक मार्च से रोजा शुरू हो जाएगा। चांद नजर आने के बाद ही तरावीह की नमाज का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। मस्जिदों की साफ-सफाई की जा रही है। शुक्रवार को चांद दिखा तो एक मार्च से रोजा होगा। संवाद