रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद लेते श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष
मथुरा। श्रीचित्रकूट तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य महाराज ने कहा है कि शाही ईदगाह मस्जिद को हटाकर मूल गर्भगृह पर भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर नहीं बनेगा तब तक वह बिहारीजी के दर्शन नहीं करेंगे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप को भरोसा दिया कि वह न्यायालय में अपनी गवाही देने के लिए अवश्य पहुंचेंगे।
रामभद्राचार्य महाराज इन दिनों वृंदावन स्थित सुखधाम आश्रम में राम कथा का श्रद्धालुओं को रसास्वादन करा रहे हैं। इस दौरान बरसाना के संत पंडित बाबा, अक्षयपात्र के संत अनंतवीरदास और राम कथा के आयोजक पीपापीठाधीश्वर बलरामबाबा के संग बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने रामभद्राचार्य महाराज से मुलाकात की। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विवाद को लेकर गहन मंत्रणा भी की।
महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया के तुलसी पीठाधीश्वर ने श्रीराम मंदिर के मुकदमे में अपनी गवाही कोर्ट में दी थी। अब उन्होंने मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के मूल जन्म स्थान गर्भगृह को मुक्त कराकर वहां पर भव्य मंदिर निर्माण कराने की बात कही है। वह भगवान श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट में गवाई देने को भी पहुंचेंगे। रामभद्राचार्य महाराज ने यह भी कहा है कि जब तक मंदिर नहीं बनेगा तब तक वह श्रीठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शन नहीं करेंगे। हालांकि मामला इलाहाबाद हाइकोर्ट में लंबित है।
महेंद्र प्रताप ने बताया कि रामभद्राचार्य इस घोषणा के बाद जन्मभूमि मुक्ति न्यास के साधु-संतों में उत्साह बढ़ेगा। हस्ताक्षर अभियान को भी एक नई दिशा मिलेगी। दरअल, जन्मभूमि मुक्ति के लिए देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक छह- सात करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन न्यास को दिया है। माह के अंतिम सप्ताह में ऑस्ट्रेलिया में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद ही अन्य देशों में भी चलाया जाएगा। इससे पूर्व न्यास के अध्यक्ष व संतों ने रामभद्राचार्य को दुपट्टा ओढ़ाकर कर भव्य स्वागत किया और आंदोलन की सफलता का आशीर्वाद भी लिया।