मुआवजे के लिए आंदोलनरत गोकुल बैराज प्रभावित किसानों ने भूख हड़ताल को हथियार बना लिया है। शासन और जिला प्रशासन पर अविश्वास जताते हुए जेल में बंद किसान लक्ष्मण दास बाबा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
गांव दामोदरपुरा में बीते दो माह से धरने पर बैठे गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों को अब तक कुछ हाथ नहीं लगा है। शासन स्तर पर आयोजित होने वाली मुआवजा संबंधी बैठक चार बार टल चुकी है।
बैठक में 16 साल पुरानी मुआवजे की समस्या का समाधान निकलने की उम्मीद थी। बैठक की स्थिति को लेकर आक्रोशित जेल में बंद लक्ष्मणदास बाबा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मामले में कुल 11 किसान जिला जेल में बंद हैं।
लक्ष्मण दास बाबा के जेल में भूख हड़ताल शुरू करने की जानकारी उनसे जेल में मिलने गईं उनकी धर्मपत्नी लीलावती ने किसानों को दामोदरपुरा में धरना स्थल पर दी। रविवार को धरना स्थल पर भी क्रमिक अनशन में शोभाराम और नंदकिशोर शामिल हुए।
धरने की अध्यक्षता सोहन लाल ने की। यहां वक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को धोखा दे रहा है। अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शासन स्तर पर मुआवजा के संदर्भ में होने वाली बैठक के बार-बार टलने से यह बात साबित हो रही है।
नंदकिशोर, छज्जन सिंह, लालचंद्र, मोहन, किशन प्यारी ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें जेल में बंद किसानों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस मौके पर पूरन सिंह, जग्गो ठाकुर, मानसिंह यादव, ब्रजा आदि मौजूद थे।
रालोद कर सकता है आंदोलन
जिला प्रशासन को 24 दिसंबर तक का वक्त देने वाला राष्ट्रीय लोक दल गोकुल बैराज के मुद्दे पर आंदोलन खड़ा कर सकता है। रालोद जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिकरवार शासन की इस प्रक्रिया से बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि शासन के साथ जिला प्रशासन भी किसानों के साथ सहानुभूति नहीं बरत रहा है।
जेल में किसी कैदी ने ऐसी कोई हड़ताल शुरू नहीं की है। गोकुल बैराज से संबंधित कैदियों से लोगों का मिलना जुलना जारी है। भाजपा के कुछ नेता और किसानों के परिजन भी मिलकर गए हैं।
आकाश शर्मा, जेलर