मथुरा। वृंदावन के चैतन्य विहार-2 स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में पानी के भूमिगत टैंक में चार छात्रों की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मथुरा के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर मामले की जांच कराने और 23 दिसंबर 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण की अगली सुनवाई 24 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने ऑनलाइन दर्ज कराई शिकायत में बताया कि यह घटना 7 अक्तूबर 2026 को गुरुकुलम परिसर में बने भूमिगत पानी के टैंक में हुई थी। आरोप है कि टैंक से दुर्गंध आने पर कुछ छात्र उसमें उतर गए। करीब 12 से 15 फीट गहरे टैंक में कथित रूप से जहरीली गैस की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य छात्र को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी जान बच गई। शिकायत में गुरुकुल की सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों की निगरानी, आपातकालीन बचाव के इंतजाम, संस्थान की मान्यता एवं पंजीकरण और संभावित लापरवाही पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले की स्वतंत्र जांच कराकर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
शिकायत का अवलोकन करने के बाद आयोग ने 9 अक्तूबर को डीएम को आवश्यक जांच के निर्देश दिए। आयोग ने यह भी कहा है कि जांच प्रक्रिया में शिकायतकर्ता को शामिल किया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना की मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस की ओर से भी मामले की जांच की जा रही है। अब आयोग की कार्रवाई से इस घटना में संभावित लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों की जांच पर नजर रहेगी।