भद्रा काल समाप्त होने के साथ ही सोमवार रात 9:00 बजे के बाद गली-मोहल्लों और तिराहों-चौराहों पर रखीं होलिका धू-धू कर जलने लगीं। देखते ही देखते हर तरफ होलिका की लपटें दूर-दूर तक नजर आने लगीं, लेकिन भक्त प्रह्लाद सुरक्षित रहे। होलिका मैया और भक्त प्रहलाद की जय जयकार से वातावरण गूंज उठा।
छोटी होली का उल्लास सोमवार सुबह से ही घर-घर में शुरू हो गया। घर-घर में पूड़ी-कचौड़ी, खीर आदि पकवान बनाए गए। होलिका पूजन के लिए महिलाओं की कतार लगना शुरू हो गई। यह क्रम दोपहर बाद तक चलता रहा। रात में 9:00 बजने के साथ होलिका दहन का क्रम जारी हो गया, लेकिन कुछ स्थानों पर देर रात होलिका दहन किया गया। होलीगेट पर कार्ष्णि गुरू शरणानंद महाराज, विधायक श्रीकांत शर्मा समेत अन्य भाजपा पदाधिकारियों ने होलिका पूजन किया। इसके बाद करीब रात 2:00 बजे होलिका दहन किया गया।
देर रात तक गोकर्णनाथ तिराहा, जयसिंहपुरा, अंतापाड़ा, झींगुरपुरा, पुराना बस स्टैंड, सदर, बाढ़पुरा डैंपियर नगर, लोहवन, लक्ष्मीनगर, धौलीप्याऊ, कृष्णानगर, राधा नगर, महाविद्या, गोविंद नगर, क्वालिटी तिराहा, कृष्णापुरी, रंगेश्वर महादेव तिराहा आदि पर होलिका दहन किया गया। सोमवार रात से लेकर मंगलवार तड़के तक जिले में करीब दो हजार स्थानों पर होलिका दहन हुआ। घरों पर भी होलिका जलाई गईं। मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण लोग अब बुधवार को रंगों की होली खेलेंगे।