इस बार होलिका पूजन और होलिका दहन भद्रा रहित होगा। 12 मार्च रविवार पूर्णिमा को सायं प्रदोष बेला में होलिका दहन श्रेष्ठ रहेगा। रात 8 बजकर 23 मिनट तक होलिका दहन किया जा सकेगा।
ज्योतिष आचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया इस बार शनिवार रात 8 बजकर 23 मिनट पर पूर्णिमा का प्रवेश है।
प्रवेश के समय से रविवार आठ बजकर 23 मिनट तक भद्रा है। रविवार को रात 8 बजकर 23 मिनट तक पूर्णिमा रहेगी। ऐसे में इस बार भद्रा होलिका दहन को दूषित नहीं करेगी। वहीं प्रदोष बेला में शाम साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक होलिका दहन श्रेष्ठ रहेगा। इसके बाद पूर्णिमा अवधि 8 बजकर 23 मिनट तक ही होलिका जलाना उचित होगा।
श्रीजी पीठाचार्य मनीषा बाबा ने बताया कि परिवार सहित होली देवी की पूजा करें, तीन परिक्रमा लगाएं और जलधारा बिखेरें। सूर्यास्त से तीन मुहूर्त आगे अर्थात दो घंटा 24 मिनट तक प्रदोष बेला रहेगी। ये अवधि 8 बजकर 44 मिनट तक है। चूंकि पूर्णिमा अवधि 8 बजकर 23 मिनट तक है ऐसे मेें इसी समय तक होलिका दहन करना श्रेष्ठ होगा।
होलीगेट पर होगा भव्य आयोजन
होलीकोत्सव संघ की ओर से शहर के हृदय स्थल होलीगेट पर भव्य आयोजन किया जाएगा। 11 मार्च की शाम को चौराहे पर होलिका देवी और भक्त प्रह्लाद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 12 मार्च को शाम पांच बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शाम सात बजे सांसद हेमामालिनी, डीएम, एसएसपी इस पूजन में शामिल हाेंगे।