ब्रज में भाव की महत्ता है। ये बांकेबिहारी मंदिर में स्पष्ट दिखता है। मंदिर में होली उत्सव में बांकेबिहारी के संग रंग खेलने का भाव है, तो भक्त दौड़े आ रहे हैं। हर कोई इस भाव के अहसास के लिए लालायित है।
धर्मनगरी होली के रंग में सराबोर हो गई है। मस्ती में डूबे श्रद्धालुओं के हुजूम रंग-गुलाल की बौछार करते देखे जा सकते हैं। देश और विदेशों से आए श्रद्धालु मंदिरों में पड़ रहे प्रसादी रंग, गुलाल और टेसू के फूलों के रंगों में सराबोर होकर अपने को धन्य मान रहे हैं।
ब्रज के प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर की होली भक्तों के आकर्षण का केंद्र बिंदु बनी हुई है। रंगभरनी एकादशी से शुरू हुआ ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर होली उत्सव का रंग चरम पर है। भक्त होली का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
ठाकुरजी के कपोल पर सुबह और शाम गुलाल लगाया जा रहा है। मंदिर में महिलाएं और युवतियां समूह बनाकर होली के गीत गाती देखी जा सकती हैं। होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है। सेवायत भक्तों पर रंग और गुलाल डाल रहे हैं।