नित रोज होली खेल रहे ठाकुर द्वारिकाधीश को नजर लग गई। इससे ठाकुर जी को बचाने के लिए मंदिर सेवायतों ने उपाय शुरू किए। मंत्रोच्चारण के बीच पुजारी ने अगिभन पर रार फेंक कर द्वारिकाधीश की नजर उतारी।
11 फरवरी से ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में होली महोत्सव का आयोजन हो रहा है। ठाकुरजी भक्तों संग होली खेल रहे हैं। शनिवार को भी होली का आयोजन हुआ। सुबह चुन्नीलाल चतुर्वेदी और छोटेलाल की टीम ने रसिया गायन किया तो श्रद्धालुओं ने ठाकुर द्वारिकाधीश संग जमकर होली खेली।
इसके बाद ठाकुरजी नजरा गए और तबियत नरम हो गई। पुजारी को ठाकुरजी को नजर लगने का आभास हुआ। इस पर मंदिर प्रबंधन को सूचना दी गई और शाम को ठाकुरजी की नजर उतारने के इंतजाम किए गए।
मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश चतुर्वेदी एडवोकेट ने बताया कि शाम छह बजे नजर उतारने के लिए पुजारी मुखिया ब्रजेश कुमार, सुधीर ने मंत्रोच्चारण किया और ठाकुर जी की प्रतिमा के सामने अगिभन जलाकर रार फेंकी गई। मंदिर के अधिकारी श्रीधर चतुर्वेदी, दीनानाथ शर्मा, ब्रजेश चतुर्वेदी, कमलेश शर्मा, सुरेश शर्मा, अमित चतुर्वेदी मंत्रोच्चारण में शामिल रहे। देर रात 10 बजे राजभोग आरती के बाद ठाकुर जी को शयन कराया गया।
महाशिवरात्रि, लठामार होली की तैयारियों का चार्ट तैयार
महाशिवरात्रि और होली महोत्सव को लेकर प्रशासन ने शनिवार को व्यवस्थाओं का चार्ज तैयार किया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में इस संबंध में बैठक आयोजित की गई। डीएम नितिन बंसल ने कहा कि आगामी त्यौहारों को देखते हुए भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विद्युत पोलों की टेपिंग और शोभायात्रा के वक्त बिजली के तारों को ऊपर किया जाए।
रात में निर्बाध विद्युत आपूर्ति रहे। कांवड़ियों के पैदल चलने के लिए सड़क और मंदिरों के आसपास सफाई की जाय। गहरे कुंडों की बैरीकेडिंग की जाए। वहां गोताखोर और नावों की व्यवस्था रहे।
रोडवेज को पर्याप्त संख्या में बसें संचालित करने के लिए निर्देशित किया गया है। पार्किंग स्थलों की व्यवस्था भी तय करने और बड़े वाहनों को भीड़ वाले क्षेत्र में प्रतिबंधित करने के लिए भी कहा गया। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सीडीओ मनीष कुमार, एडीएम कानून व्यवस्था रमेश चन्द, एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी, एडीएम वित्त रवीन्द्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव, विकास प्राधिकरण सचिव विजय कुमार आदि मौजूद रहे।