धर्मनगरी के मठ, आश्रम मंदिर, कुंज गलियों में होली का आनंद है। चहुंओर
मस्ती में डूबे श्रद्धालु रंग गुलाल की बौछार करते देखे जा सकते हैं।
मंदिरों में देश और विदेशों से आए श्रद्धालु प्रसादी रंग, गुलाल में
सराबोर होकर स्वयं को धन्य मान रहे हैं। रंग भरनी एकादशी के बाद से उत्सव
चरम पर है।
बांके बिहारी मंदिर में सोमवार को सुबह और शाम को होली का रंग बरसा। देश
के विभिन्न शहरों गांवों से आए श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के रंग को
प्रसाद रूप में ग्रहण किया। सेवायत मंदिर में स्वर्ण रजत पिचकारियों से
भक्तों पर रंग डाल रहे थे। पूरा मंदिर परिसर बांके बिहारी लाल के जयकारों
से गूंज उठा। अन्य मंदिरों में भी ऐसा ही उल्लास रहा। कहीं रंग तो कहीं
फूलों के साथ भक्तों ने होली महोत्सव मनाया। परंपरागत गीत भी गाए। परिवार
के साथ दिल्ली से आए मनोज कुमार गुप्ता का कहना था कि बांके बिहारी मंदिर
में प्रसादी रंग पाकर धन्य हो गए।
विधवाएं आज से मनाएंगी रंगों का त्योहार
वृंदावन। धर्मनगरी में रह रही सैकड़ों विधवाओं के लिए भी होली रंग से भरी होगी। आज से ये विधवाएं एक दूसरे को गुलाल लगाकर त्योहार मनाने जा रही हैं। इसके लिए आश्रय सदन में भी पूरी तैयारियां कर लीं गईं हैं। पर्व में भरपूर रंग भरने के लिए एक हजार किलोग्राम गुलाल मंगाया गया है। संस्था सुलभ इंटरनेशनल के पीआरओ मदन झा ने बताया कि संस्थापक डा. बिंदेश्वर पाठक की ओर से पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी मीरा सहभागिनी आश्रय सदन में होली का त्यौहार मनाने की तैयारियां पूरी कर लीं गईं हैं। इस बार विधवाओं के लिए होली खेलने के लिए एक हजार किलोग्राम गुलाल मंगाया है। उन्होंने बताया कि सुलभ इंटरनेशनल विधवाओं को वोकेशनल ट्रेनिंग और प्राथमिक शिक्षा भी दिला रहा है।