रंगों की फुहार और होरी गायन की मस्ती ब्रज के मंदिरों में होली महोत्सव के युवा होने का संकेत है। श्रद्धालुओं के तन मन में फाग का आनंद बढ़ता ही जा रहा है। रमणरेती में होली के आयोजन के बाद अब बरसाना और नंदगांव की विश्व प्रसिद्ध लठामार होली को लेकर भक्तों में उत्सुकता है। इधर रंगभरनी एकादशी से वृंदावन के मंदिरों में रंगोत्सव आरंभ हो जाएगा।
यूं तो ब्रज में वसंत पंचमी से ही होरी की मस्ती छाने लगती है। मंदिरों में डाढ़ा गढ़ने की परंपरा निर्वहन के बाद हर ओर रंग पर्व को लेकर उत्साह रहता है। रमणरेती स्थित आश्रम में होली आयोजन के बाद ब्रज का यह महामहोत्सव अपने चरम पर पहुंच जाता है।
26 फरवरी को बरसाना की सखियां नंदगांव के हुरियारों को होली का निमंत्रण देने आएंगी। इसी के साथ बरसाना ब्रज में आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। फिर नंदगांव में लठामार होली, श्रीकृष्ण जन्मस्थान की होली, रंगभरनी एकादशी पर वृंदावन में प्रिया-प्रियतम का डोला मुख्य आयोजन होंगे। द्वारिकाधीश मंदिर में होली व बलदेव के दाऊजी में हुरंगा इस 40 दिवसीय महोत्सव को शिखर का स्पर्श कराता है।
प्रमुख मंदिरों के आयोजन
- 26 फरवरी को बरसाना की सखियाें का नंदगांव के हुरियारों को निमंत्रण
- 27 को बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लठामार होली
- 28 को नंदगांव, राधा के गांव रावल में लठामार होली
- एक मार्च को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठामार होली
- एक मार्च (रंगभरनी एकादशी) को वृंदावन में ठाकुर राधाबल्लभ मंदिर से निकलेगा डोला
- रंगभरनी एकादशी को ही बांके बिहारी, ठाकुर राधारमण, ठाकुर राधाबल्लभ मंदिर में रंग की होली
- 3 मार्च को विश्व प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में सजेगा बगीचा
- 7 मार्च को बलदेव में दाऊजी का हुरंगा, मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर मेें डोल महोत्सव
लाडिली मंदिर पर होली के पदों की धूम
लठामार होली की तैयारियों को लेकर बरसाना में लाडिली जी मंदिर में प्रतिदिन शाम को रसिक कवियों के होली के पद और धमार गायन हो रहे हैं। मस्त कर देने वाले पद और रसियाओं को सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर होकर थिरक रहे हैं। लाडिलीजी के महल में गोस्वामी समाज के लोग रसिक कवियों के पदों को गाते हुए ढप, मृदंग झांझ मजीरा और तानपुरा की धुन के साथ होली के रंग को गाढ़ा करने में लगे हैं। दिव्य और अलौकिक लठामार होली की तैयारियों में बरसाना नगर का हर नर-नारी उत्साहित है। तैयारियों के चलते नगर पंचायत द्वारा सफाई कराई जा रही है।
राधासनेह मंदिर में नित नई होली
भागवत मिशन ट्रस्ट के तत्वावधान में 27 फरवरी से 5 मार्च तक श्रीमद्भागवत सप्ताह महायज्ञ का आयोजन बिहारीपुरा स्थित ठाकुर राधासनेह बिहारी मंदिर प्रांगण में होने जा रहा है। इस छह दिवसीय महोत्सव में नित नए और अनूठे तरीके से भक्तों संग होली खेली जाएगी। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ट्रस्ट के सचिव आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि 1 मार्च को रंग पिचकारी होली, 2 मार्च को लड्डू होली, 3 मार्च को फूलों की होली, 4 मार्च को जलेबी होली और 5 मार्च को गुलाल की होली का आयोजन होगा। कथा महोत्सव में 2 मार्च को कृष्ण जन्म महोत्सव, 3 को गोर्वधन पूजा और छप्पन भोग, 4 को रुक्मिणी विवाह, 5 मार्च को सुदामा चरित्र और 6 मार्च को हवन यज्ञ के साथ समापन होगा।