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जेल से निकलते ही हिस्ट्रीशीटर का आतंक: ढाबा संचालक से 10 लाख की चौथ, 30 हजार लूटे; जान से मारने की दी धमकी

Mon, 20 Apr 2026 09:21 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में जेल से छूटते ही हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव ने ढाबा संचालक से 10 लाख की रंगदारी मांगी और 30 हजार रुपये लूट लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी हैं।
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हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जेल से छूटते ही ट्रांस यमुना थाने के हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव ने अपने ही गांव के ढाबा संचालक राजू से 10 लाख रुपये की चौथ मांगी है। आरोपी ने उससे जेब में रखे 30 हजार रुपये छीन लिए। शिकायत पर आरोपी और उसके परिवार के पांच लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और रंगदारी मांगने समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तारी के लिए थाने की पुलिस टीम के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगा दिया गया है।
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नगला रामबल निवासी राजू ने बताया कि वह क्षेत्र में ही ढाबा संचालित करते थे। गांव का हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव और उसके परिवार के लोग ढाबे पर खाना खाने के बाद रुपये मांगने पर उससे रंजिश रख रहे थे। इस डर से उन्होंने अपना ढाबा बंद कर दिया और उसे किराए पर दे दिया। 22 जनवरी को करीब 4:15 बजे शाम के समय पंचमुखी मंदिर नगला रामबल के पास मोनू यादव, उसका बेटा रजत व उसके भाई सेठी यादव, सोनू यादव, मुरली यादव घात लगाकर बैठे थे।
 

वह जैसे ही वहां पहुंचा तो सबने रास्ते में रोक लिया और ढाबे पर पैसे मांगने की बात कहते हुए धमकी दी। विरोध पर मोनू यादव ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया। वह बाल-बाल बचे। इसके बाद रजत यादव, सेठी यादव, मुरली यादव ने मिलकर लाठी-डंडों से पीटा। वह घायल हो गए। इसके बाद मोनू जेल चला गया था।

राजू ने बताया कि 16 अप्रैल को वह जेल से रिहा हुआ। 17 अप्रैल की सुबह ढाबे का किराया लेने जाते समय मोनू यादव ने रास्ते में रोक लिया। चौथ में 10 लाख रुपये मांगे और कहा कि नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मार देगा। जेब में रखे 30 हजार रुपये भी छीन लिए।

राज चौहान की मां ने लगाए हैं आरोप
उधर, हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव और उसके बेटे पर यमुनापार में हुए राज चौहान हत्याकांड की साजिश रचने के आरोप भी लगे थे। राज चौहान की मां ने पुलिस आयुक्त समेत कई अधिकारियों से शिकायत की थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मुठभेड़ के डर से मोनू यादव पुराने मामले में जमानत कटवा कर जेल चला गया था। राज चौहान हत्याकांड के बाद पुलिस ने यमुनापार क्लीन का अभियान चलाया है। आलोक यादव लंबे समय से जेल में बंद है। मोनू यादव के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं, इनमें ज्यादातर युवा हैं।
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गिरफ्तारी के लिए लगी टीम
पीड़ित की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मोनू यादव समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगाई गई हैं। अपराधी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी
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