मथुरा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) की परीक्षा 51 केंद्रों पर हुई। परीक्षा के लिए कुल 22,310 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 9103 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। 13,207 ने परीक्षा से दूरी बना ली। 40 फीसदी ही उपस्थित हुए। इतिहास के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को काफी उलझाया।
जिले में 51 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आरओ, एआरओ परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक एक ही पाली में आयोजित हुई। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार परीक्षा केंद्रों पर जाकर पल-पल की अपडेट लेते रहे। परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की सख्ती से चेकिंग की गई। प्रवेश पत्र और पहचान पत्र दिखाने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया।
इसके अलावा परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक की गई। कई महिला अभ्यर्थी कान में बालियां और चेन पहनी हुई थीं, जिन्हें सेंटर पर उतरवा दिया गया। परीक्षा देकर बाहर आए दीपक सिंह ने बताया कि पेपर का लेवल सही था, सामान्य ज्ञान के कुछ प्रश्न थोड़े कठिन थे। छात्र सुरेश ने बताया कि इतिहास के प्रश्न ज्यादा थे, इसलिए थोड़ा उलझे रहे। छात्रा दीप्ती दुबे ने बताया कि पेपर का लेवल आसान था, जिस हिसाब से तैयार की उस हिसाब से अच्छा आया। श्वेता चौहान ने कहा कि पेपर अच्छा आया था, करेंट अफेयर्स के प्रश्न ज्यादा आए थे। डीआईओएस रविंद्र सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हुई।
पुरुष अभ्यर्थियों की उतरवाई गई बेल्ट
परीक्षा देने आए कई पुरुष अभ्यर्थी बेल्ट पहनकर आए, जिसे उतरवाने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। इसके अलावा कई अभ्यर्थी देर से सेंटर पर पहुंचे, ऐसे में उन्हें प्रवेश नहीं मिला। इनमें लड़कियां भी शामिल थीं, जो प्रवेश न मिलने पर फूट-फूटकर रोने लगीं। सबसे खास बात तो ये रही कि परीक्षा केंद्रों पर पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से निगरानी कराई गई।
पेपर छूटने के बाद लगा जाम
जिले में 51 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। दोपहर 12.30 बजे परीक्षा छूटी तो परीक्षार्थियों की भीड़ से शहर की सड़कों पर जाम लग गया। दोपहर में चिलचिलाती धूप में जाम में लोग फंसे रहे। जाम को खुलवाने के लिए पुलिस ने काफी मशक्कत की।