कैलाश मार्ग पर रविवार की दोपहर को 20 से भी ज्यादा लोगों को मौत छूकर निकल गई। अचानक टूटकर गिरे हाईवोल्टेज लाइन के तार की चपेट में आकर टेंपो सवार दो लोग बुरी तरह से झुलस गए जबकि ट्रैक्टर, बाइक और साइकिल सवारों के साथ राहगीरों को झटके लगे। घंटों यहां हड़कंप मचा रहा।
बलदेव कस्बे में कैलाश मार्ग पर महेंद्र की टाल के निकट से 11 हजार वोल्ट की लाइन सड़क के एक ओर से दूसरी ओर खिंची हुई है। रविवार दोपहर डेढ़ बजे इस लाइन का तार सड़क पर गिर गया। वहां से साइकिल पर गुजर रहे बच्चू सिंह (32) पुत्र कमल सिंह निवासी गांव नगला फ्त्ता जुगसना सादाबाद, बाइक सवार धर्मेन्द्र (20) पुत्र बसंत कुमार निवासी गढ़ी धारा गोंडा अलीगढ़ और टेंपो चालक छौली बलदेव निवासी ओमप्रकाश और उनका बेटा पवन (4), ट्रैक्टर चालक नगला खूबी बलदेव निवासी राजेन्द्र आदि तार के संपर्क में आ गए।
ट्रैक्टर और टेंपो के पहियों ने स्पार्किंग होने से आग पकड़ ली। राहगीरों ने जैसे-तैसे राजेन्द्र, ओमप्रकाश, पवन, बच्चू सिंह और धर्मेन्द्र के ऊपर से तार को अलग किया। बिजली बंद कराने के लिए बिजली घर फोन किए गए लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद एक बाइक सवार को भेज कर बिजली बंद कराई गई। इस दौरान कई अन्य लोगों को भी तार के संपर्क में आने से झटका लगा। घटना में बच्चू सिंह और धर्मेन्द्र बुरी तरह झुलस गए हैं।
घटना से आक्रोशित लोगों ने कैलाश मार्ग पर जाम लगा दिया और बिजलीकर्मियों के खिलाफ हंगामा किया। सूचना पर बलदेव पुलिस मौके पर पहुंच गई। आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और बच्चू सिंह, धर्मेन्द्र को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत चिंताजनक होने पर बच्चू को आगरा रेफर कर दिया गया।
हाई वोल्टेज लाइन के नीचे नहीं था जाल
बिजली विभाग के इंजीनियर और लाइन मैन की लापरवाही से लोगों की जान पर बन आई। कैलाश मार्ग पर हाई वोल्टेज लाइन पार कराने के लिए इंजीनियर ने गाइडिंग (जाल) तक नहीं लगवाई थी। गाइडिंग होने पर तार टूटने की हालत में जान माल के खतरे से बचा जा सकता था। नियमावली के अनुसार हर मार्ग को पार करने पर बिजली इंजीनियरों को गाइडिंग लगाना अनिवार्य है।