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एक जिला, 53 लाख यानी मोदी की लखनऊ रैली

Fri, 23 Dec 2016 12:45 AM IST
पुनीत शर्मा
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पीएम - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ में मोदी की रैली में रिकार्ड तोड़ भीड़ जुटाकर प्रदेश में भाजपा के माहौल का संदेश देने की प्लानिंग ने दिग्गजों की भी सांस फुला दी है। हर जिले को 150 से 200 बसों का टारगेट दिया गया है। दिन-रात भाजपा नेता दौड़ रहे हैं। लेकिन कैश की किल्लत संगठन को बेचैन किए हुए है। लखनऊ एक बस के जाने का मतलब है 30-35 हजार का खर्च। 13,092 बसें जानी हैं। हर जिले पर औसतन 176 बसें बैठ रही हैं। खर्च का औसत रखें तो इस हिसाब से हर जिले पर करीब 53 लाख रुपये का खर्च तो आएगा ही।
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यूं तो अब तक उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14 सभाएं हो चुकी हैं लेकिन 2 जनवरी को लखनऊ में होने वाली रैली को भाजपा एतिहासिक बनाने की तैयारी में है। इसके लिए पूरा संगठन दिन-रात दौड़ रहा है। हर क्षेत्र के प्रभारियों को कहा गया है कि वो निरंतर मानीटरिंग करते रहें। उत्तर प्रदेश के हर जिले को 150 से 200 बसों का टारगेट दिया गया है। ब्रज क्षेत्र के जनपदों से तो एक जनवरी की रात को बसें लखनऊ की लिए रवाना होंगी जबकि एनसीआर के आसपास वाले जनपदों को कहा गया है कि वह दोपहर को ही लखनऊ कूच करें। 

टिकट के दावेदार भी अपनी ताकत दिखाने के लिए हरसंभव कोशिश में जुटे हैं लेकिन कैश की किल्लत ने इन्हें बेचैन कर दिया है। एक बस ले जाने का मतलब है तीस से पैंतीस हजार का खर्च। बस में कम से कम 60 लोग तो आएंगे ही। इनके दो वक्त के खाने की भी व्यवस्था करनी है। अब मथुरा से ही लखनऊ बस जाएगी तो उसका किराया 30,000 होगा। जबकि टोल का पैसा रहा वो अलग। गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा से लखनऊ जाने वाली बस का किराया 35,000 होगा। अब जब नोटबंदी के बाद हर तरफ कैश की किल्लत है तो इतना पैसा जुटाना भाजपा नेताओं के लिए भी किसी मुसीबत से कम नहीं होगा। 
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि ये एतिहासिक रैली होगी। ऐसी रैली न कभी लखनऊ में हुई है और न ही आगे होगी। बसों का जो टारगेट है वह तो है ही तमाम लोग ट्रेन और अपने निजी वाहनों से भी लखनऊ पहुंचेंगे।

ब्रज क्षेत्र से ही 2000 से अधिक बसें जानी हैं
 ब्रज क्षेत्र के प्रभारी अशोक कटारिया ने बताया कि हर जिले में 150 से 200 सेक्टर में बांटा गया है। हर सेक्टर से एक बस जानी है। ब्रज क्षेत्र में 2,056 सेक्टर बनाए गए हैं। जबकि मथुरा जिले में 158 सेक्टर हैं। यहां से 158 बसों को ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी प्रभारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये तो टारगेट है बसें इससे भी अधिक जाएंगी।
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