श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया, न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की पीठ के समक्ष मंदिर और मस्जिद पक्ष की तरफ से बहस की गई थी। पक्ष ने आर्डर सात रूल 11 के तहत दिए गए प्रार्थना को खारिज कर स्वामित्व से जुड़े 15 सिविल वादों को एक साथ सुने जाने के कोर्ट के निर्णय खिलाफ रीकॉल प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
मंदिर पक्ष की तरफ से कहा गया कि रीकॉल प्रार्थना पत्र मामले को उलझाए रखने के लिए है। रीकॉल प्रार्थना पत्र किसी आदेश को वापस लेने के लिए दी जाती है। अदालत रीकॉल प्रार्थना पत्र निस्तारण करने के बाद सिविल वादों को लेकर वाद बिंदु तय करेगी। मंदिर पक्ष ने वाद बिंदु दे दिए हैं। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट इसे खारिज कर दिया है।