विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय संग्रहालय में चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें लोक कलाओं से संबंधित विभिन्न चित्रों में प्रदर्शित किया गया। इसमें लोक कलाओं के संबंध में अमर उजाला में प्रकाशित लेखों को भी लगाया गया।
प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि ब्रज बिहारी कुशवाहा ने कहा कि लोक कलाएं हमारी आत्मा हैं। दुख की बात ये है कि आज ये कलाएं विलुप्त हो रही हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए इस कला को सहेजना बेहद जरूरी है।
प्रदर्शनी में आम जन की कला, जीवन यापन, मनोरंजन, गायन, मूर्ति कला, नृत्य के अलावा माथुरी कला, जातक कथाएं, फूल बंगला, सांझी, मुकट कला, पिछवाई, लोक नाट्य विधा, रासलीला, मां चंद्रावलि की गौरव गाथा, लोक गीत, न्यौरता, जिकड़ी भजन आदि को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राजकीय संग्रहालय के सहायक निदेशक डा. एसपी सिंह ने किया। इस अवसर पर डा. प्रेमदत्त मिश्र मैथिलि, डा. ताराचंद शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, गिरिराज प्रसाद, डा. कन्हैया लाल पांडेय, डा. एसपीएस चौहान, डा. बच्चू सिंह वर्मा, श्याम सुंदर गोस्वामी, डा. महीपाल सिंह, प्रो. रणधीर सिंह आदि मौजूद रहे।