एसटीपी संचालन में अनियमितता के संबंध में 16 फरवरी को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई होने जा रही है। दो फरवरी को सुनवाई के दौरान एनजीटी ने मथुरा नगर पालिका को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए थे।
सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी ने मथुरा नगर पालिका की ओर से एसटीपी और एसपीएस के संचालन पर सवाल उठाते हुए करीब पौने दो करोड़ रुपये की अनियमितता का आरोप लगाया था। इसकी जांच में एडीएम कानून व्यवस्था ने शिकायतों को सही मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति शासन से की थी।
यह मामला यमुना के प्रदूषण से जुड़ा होने के कारण सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से एनजीटी तक पहुंचा। इसमें उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी स्वीकार किया कि एसटीपी के संचालन में पालिका ठेेकेदार की ओर से बडे़ पैमाने पर लापरवाही और अनियमितताएं की जाती हैं।
दो फरवरी को सुनवाई के दौरान एनजीटी ने इस पर पालिका से जवाब मांगा था। अब इसकी सुनवाई 16 फरवरी को होने जा रही है। गौरतलब रहे कि पिछले दिनों नगर पालिका के सहायक अभियंता और अवर अभियंता के बीच हुए विवाद का कारण भी एसटीपी संचालन करने वाला ठेकेदार ही था, जिसकी पैरवी के लिए दोनों के बीच गाली-गलौज हुई थी।